
सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वाले मेडिकल स्टोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज।
दरभंगा: कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचने के लिए मौजूदा समय फेस मास्क और हैंड सैनेटाइजर ही एकमात्र बचाव का उपाय है। ऐसे में इनकी भारी मांग को देखते हुए दवा विक्रेताओं द्वारा इसकी कालाबाजारी शुरू कर दी गई है। जबकि सरकार द्वाराआवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत शामिल कर दिया गया है। ऐसे में अब यदि कोई भी दुकानदार, दवा विक्रेता इसकी ब्लैक मार्केटिग करते पकड़ा जाएगा तो उसके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा जिलाधिकारी द्वारा कालाबाजारी रोकने हेतु दवा प्रतिष्ठानों में छापामारी जारी रखने का निर्देश दिया गया है। शुक्रवार को एक व्यक्ति के द्वारा जिलाधिकारी को सूचना दिया गया कि सुपौल बाजार बिरौल में एक दवा दुकानदार द्वारा मास्क एवं सैनिटाइजर निर्धारित मूल्य से अधिक पर बेचा जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने बिरौल एसडीओ को आरोप की सत्यता की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एसडीओ बिरौल द्वारा जांच में पाया गया कि मनोज मेडिकल स्टोर द्वारा ₹185 रुपए मूल्य की सैनिटाइजर की कीमत ₹200 तक वसूला जा रहा है।आरोप की पुष्टि होने पर एसडीओ बीके लाल एवं डीसीएलआर रामदुलार राम के नेतृत्व में रात्रि में ही कई मेडिकल स्टोर में छापेमारी की गई। औषधि निरीक्षक बिरौल द्वारा उक्त दवा दुकान के स्वामित्व अधिकार सुखदेव महतो पिता अशोक महतो, ग्राम अफजला के विरुद्ध एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत बिरौल थाना में कांड संख्या 101/20 दर्ज की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। कालाबाजारी करते पकड़े जाने पर दोषी दुकानदारों के विरुद्ध थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

