
डबरा में फंसे हिरण को ग्रामीणों के सहयोग से निकाल कर किया वन विभाग के हवाले।
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दरभंगा: कमतौल थाना क्षेत्र के टेकटार गांव में शुक्रवार की सुबह एक हिरण भटकता हुआ पहुंच गया। यहां वह दलदल और जलकुंभी से भरे धोबियाही डबरा में फंस गया। ग्रामीणों ने उसे मशक्कत से बाहर निकाला और वन विभाग के कर्मियों के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह करीब 7.30 बजे ग्रामीण बहुत सारे कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर अपने घर से बाहर निकले। बहुत सारे कुत्ते एक हिरण के बच्चे को खदेड़ते आ रहे थे। ग्रामीण हिरण को बचाने के लिए दौड़े। पीछे कुत्ते और आगे से लोगों को देख हिरण ने घबराकर सामने धोबियाही डबरा में छलांग लगा दी।
उस डबरे में दलदल और जलकुम्भी भरे होने के कारण हिरण उसमें फंस गया। एक मासूम हिरण की जान सांसत में फंसी देख सोने पासवान, भोला पासवान, कमलेश पासवान, विजय कुमार भारती, विजय पासवान, अजय पासवान, पंकज महतो, गुड्डू, विजय कुमार भारती, रूपेश भंडारी, राजू भंडारी सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने हौसला दिखाया।
सबने ने बांस, सीढ़ी और रस्सी की मदद लेकर भारी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। फिर कमतौल थानाध्यक्ष सरवर आलम ने वन विभाग के रेंजर सुधीर कुमार मुकुल को इसकी जानकारी दी। तब तक ग्रामीणों ने उसे बगीचे के अंदर एक पेड़ में रस्सी के सहारे बांधकर सुरक्षित रखा। मौके पर सअनि मनोज कुमार राम भी वहां पहुंच गये। करीब 11 बजे वनपाल अमरेश झा, वनरक्षी ललित राय, वन सुरक्षा कर्मी सरोजानन्द झा एवं चालक पिकअप वैन से वहां पहुंचे और ग्रामीणों के सहयोग से उसे सुरिक्षत उठवाकर अपने साथ ले गए।
इस संबंध में पूछे जाने पर रेंजर सुधीर कुमार मुकुल ने बताया कि हिरण का उपचार कराकर उसे बेतिया के जंगल में छोड़ दिया जायेगा। हिरण के शरीर पर हल्के जख्म भी दिखाई पड़ रहे थे। इस दौरान उसे देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। सोसल डिस्टेंसिंग को मेंटेन कराने के लिए सअनि मनोज कुमार राम के पसीने छूटते रहे।
लोगों का मानना था कि पूर्णतया प्रतिबंध के प्रभाव से चारों तरफ सुनसान रहने एवं शोरगुल न होने के कारण ही हिरण का बच्चा स्वच्छंद वातावरण में विचरण करते भटककर यहां आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया था।

