Home Featured खाता मिसमैच अथवा आधार सीडिंग नहीं रहने के कारण डेढ़ लाख लाभार्थियों के खाते में नही पहुँची राशि।
Featured - मुख्य - April 22, 2020

खाता मिसमैच अथवा आधार सीडिंग नहीं रहने के कारण डेढ़ लाख लाभार्थियों के खाते में नही पहुँची राशि।

दरभंगा: वैश्विक कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु देश भर में लागू लॉक डाउन से उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए सरकार द्वारा अधिक से अधिक पात्र राशन कार्डधारी लाभाथियों को एक-एक हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से नकद सहायता राशि उनके खाते में अंतरित की जा रही है। इसके लिए राशन कार्डधारी के बैंक खाता का आधार से सीडिंग होना जरूरी है।

डीएम ने बताया है कि राशन कार्डधारी के आधार व बैंक खाता में मिसमैच अथवा बैंक खाता का आधार से सीडिंग नहीं रहने के चलते प्रथम चरण में जिला के कुल 1,56,693 लाभार्थियों के खाते में राशि नहीं अंतरित नहीं की जा सकी है। कहा कि इस त्रुटि के त्वरित निवारण हेतु सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी को निदेश दिया गया है। इस हेतु सभी प्रखण्डों में पंचायत स्तर पर टीम गठित कर उन्हें सूची उपलब्ध करा दी गई है। यह टीम संबंधित लाभार्थियों के घर घर जाकर उनके आधार एवं बैंक खाता संख्या का सत्यापन करेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य स्तर से दो प्रकार की सूची प्राप्त हुई है, जिसमें या तो आधार नम्बर नहीं है या आधार एवं राशन कार्डधारी का नाम मैच नही है अथवा आधार एवं खाता संख्या की प्रविष्टि नही है। इसी त्रुटि के चलते कतिपय लाभार्थियों के खाते में नगद राशि नहीं भेजी जा सकी है।
डीएम ने सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को इस त्रुटि का अतिशीघ्र निवारण कराने का निदेश दिया है। इस हेतु प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/ अंचलाधिकारी द्वारा प्रत्येक 25-30 लाभार्थी पर किसी एक पंचायत स्तरीय कर्मी की प्रतिनियुक्ति की जायेगी, जो संबंधित लाभार्थी के घर जाकर उनसे सही डाटा प्राप्त कर अपने अनुमण्डल पदाधिकारी को दे देंगे। अनुमण्डल पदाधिकारी द्वारा डाटा की ई-पी.डी.एस. पोर्टल पर प्रविष्टि कर दी जायेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी परिवार है, जो राशन कार्ड की अर्हता रखते हैं, लेकिन उन्हें राशन कार्ड नहीं प्राप्त हुआ है। ऐसे छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का सर्वेक्षण जीविका समूह की दीदीयों के द्वारा किया जा रहा है एवं नगर निगम/निकाय क्षेत्र में छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का सर्वेक्षण की जवाबदेही नगर निगम/निकाय को दी गई है। छूटे हुए योग्य लाभार्थियों का डाटाबेस तैयार कर उन्हें भी एक-एक हज़ार रूपये नगद दी जायेगी।

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