
सभी पात्र राशन कार्डधारियों के मिसमैच डाटा को अविलम्ब दुरुस्त कराने का निर्देश।
दरभंगा: जिलाधिकारी डॉ0 त्यागराजन एसएम ने सभी एसडीओ, बीडीओ एवं एमओ को उनके क्षेत्राधीन पड़ने वाले छूटे हुए सभी पात्र राशन कार्डधारियों के मिसमैच डाटा को अविलम्ब दुरुस्त कराने का निर्देश दिया है ताकि सरकार द्वारा घोषित एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि उन्हें भी प्रदान की जा सके।
डीएम ने कहा कि दरभंगा जिले में कुल 816352 राशन कार्डधारी हैं। इनमें से लगभग 156693 लाभार्थियों का आधार एवं बैंक खाते में नाम मैच नहीं करने के चलते ट्रांजेक्शन फेल हो गया है। फलत: इतने लोग सहायता राशि प्राप्त करने से वंचित रह गये हैं। कहा कि इस कोरोना महासंकट के समय में सभी पात्र लाभार्थियों को हर सम्भव मदद पहुंचाया जाना सरकार की प्राथमिकता सूची में है। इसलिए सभी फेल्योर ट्रांजेक्शन डाटा को युद्ध स्तर पर शुद्ध करने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने ये बातें रविवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित बैठक में कही। डीएम ने मिसमैच डाटा का फिजिकल वेरिफिकेशन, अप्रवासी मजदूरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, कोरोना के लक्षण वाले संदिग्ध व्यक्तियों के सैंपल की जांच, ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, सभी कार्य स्थलों, हाट-बाजार आदि जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन कराने आदि की समीक्षा की। समीक्षा के क्रम में बताया गया कि लगभग 90 हजार मिसमैच डाटा का फिजिकल वेरिफिकेशन करा लिया गया है। इसकी पीडीएस पोर्टल पर प्रविष्टि की जा रही है। इन सभी लाभार्थियों के खाते में भी अतिशीघ्र एक-एक हजार रुपए भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस-जिस प्रखंड में वेरिफिकेशन बाकी रह गया है सोमवार तक अनिवार्य रूप से पूरा करा लिया जाए। फेल्योर डाटा मिसमैच के फिजिकल वेरिफिकेशन कार्य का ऑन द स्पॉट अनुश्रवण करने के लिए सभी प्रखंडों में पूर्व से प्रतिनियुक्त जिला स्तरीय पदाधिकारियों को सोमवार को पुन: प्रखंड क्षेत्र में भ्रमण कर बचे हुए कार्य को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के बाहर से जो भी अप्रवासी मजदूऱ यहां आ रहे हैं उन्हें अनिवार्य रूप से गांव के स्कूल में क्वारंटीन की जाये। वहां उन्हें 14 दिनों तक मेडिकल सुपरविजन में रखा जाना है। उनका स्वास्थ्य सामान्य रहने पर उन्हें अपने घर भेज दिया जाये। कहा कि बिना जांच कराये कोई भी व्यक्ति सीधे अपने घर जाकर नहीं रहने लगेगा। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होगी। सिविल सर्जन एवं सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अप्रवासी मजदूरों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराते
रहने को कहा गया है। बैठक में नगर आयुक्त, डीडीसी, एडीएम, सहायक समाहर्ता, सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, सभी एसडीओ, सभी एमओआईसी, बीडीओ, सीओ उपस्थित थे।

