
हैरान रह गए लोग जब सपेरे ने नागिन के साथ उसके 34 बच्चों को पकड़ कर निकाला बाहर।
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दरभंगा: लाॅक डाउन में घर में रहने को मजबूर चर्चित खगोल शास्त्री एवं मिथिला की धरोहर लिपि मिथिलाक्षर के कंप्यूटर फांट निर्माता पं विनय कुमार झा के लाल बाग स्थित आवास से मंगलवार को सपेरा ने करीब 5 फीट आकार के नागिन के साथ उसके 34 नवजात बच्चों को पकड़ा। सपेरा द्वारा सांपों को पकड़ने के बाद संत स्वभाव के स्वभाव के विनय झा एवं उनके शुभचिंतकों ने राहत की सांस ली।
बताते चलें कि घर में सांप द्वारा बच्चा जनने का पता विगत 10 मई को उन्हें उस समय चला, जब बाथरूम में नहाते समय सांप का एक बच्चा पानी के फुहारों के बीच उनके पैरों से आकर लिपट गया। अपने घर में अकेले संत जीवन व्यतीत करने वाले विनय झा ने यह जानकारी अपने दार्शनिक अंदाज में फेसबुक पोस्ट के माध्यम से लोगों को दी। इस पोस्ट के साथ ही उनके शुभचिंतकों में मानो हड़कंप मच गया। रविवार की मध्य रात्रि नासिक में रहने वाले मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान के संस्थापक पं अजयनाथ शास्त्री ने इसकी सूचना दरभंगा में रहने वाले अभियान के वरिष्ठ संरक्षक प्रवीण कुमार झा को दी। सूचना पाकर उन्होंने सोमवार को विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा। अधिकारियों ने विभाग में कोई सपेरा नहीं होने का रोना रोते हुए उन्हें स्थानीय कुछ सपेरों का नंबर उपलब्ध कराया। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय सभी सपेरों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। अंततः मनीगाछी निवासी गंगा यादव की मदद से पंडौल प्रखंड के सकरपुर गांव निवासी एक सपेरा का संपर्क सूत्र प्रवीण झा को मिला और उन्होंने अभियान के एक अन्य वरीय संरक्षक उग्रनाथ झा की मदद से उस सपेरा को विनय झा के आवास पर लाया गया।
करीब दो घंटे तक सांपों को पकड़ने के अभियान के बाद
एक नागिन सहित उसके कुल 34 बच्चों को सपेरा ने बरामद किया। सांपों को पकड़े जाने के बाद पं विनय झा ने राहत की सांस लेते हुए सपेरा की मंत्र-शक्ति सहित मुसीबत की इस घड़ी में साथ आए लोगों को धन्यवाद दिया।

