Home Featured सिंहवाड़ा में फिर बेलगाम हुए अधिकारी, युवकों को अमानवीय सजा के बाद अब प्रवासियों की हुई पिटाई!
Featured - मुख्य - May 23, 2020

सिंहवाड़ा में फिर बेलगाम हुए अधिकारी, युवकों को अमानवीय सजा के बाद अब प्रवासियों की हुई पिटाई!

दरभंगा: एक तरफ कोरोना महामारी से पूरा देश त्रस्त है, वहीं दरभंगा में भी लगातार प्रवासियों की संख्या बढ़ती जा रही है। दरभंगा के जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन भी इस घड़ी में सतर्कता के साथ प्रवासियों को ठहराने की व्यवस्था में दिनरात लगे हैं। जिलाधिकारी डॉ0 त्यागराजन एसएम खुद भी कई मीटिंग में प्रवासियों से अच्छा व्यवहार करने की बात कह चुके हैं। पर शनिवार को सिंहवाड़ा प्रखंड के क्वारेंटाइन केंद्र बीडीओ-सीओ द्वारा प्रवासियों के साथ जो अमानवीय कृत्य करने की बात सामने आ रही है, उसने जिला प्रशासन को शर्मसार कर दिया है। इससे पूर्व भी लॉकडाउन उलंघन मामले में सिहवाड़ा में ही इन्ही अधिकारियों ने भड़वारा चौक के निकट कुछ युवकों अमानवीय सजा देकर वीडियो भी बनवाया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि इन्हें अधिकार मिलने पर इसका दुरुपयोग करने पर भी किसी प्रकार के कारवाई का भय नही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रखंड की भरहुल्ली पंचायत के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय कोरा में बनाए गए क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों ने सेंटर पर फैली अव्यवस्था को लेकर सीओ से शिकायत की तो शुक्रवार को बीडीओ और सीओ ने सेंटर पर पहुंच कर उनसे गाली-गलौज की और कमरे में बंद कर दो प्रवासियों को गार्ड से पिटाई करा दी। शुक्रवार की ग्रामीणों ने सिंहवाड़ा थाना के व्हाट्सएप ग्रुप साइबर सेनानी पर वीडियो भेजकर इसकी शिकायत कीै। जिसमें कोरा के महेश महतो और अमरनाथ मंडल कह रहे हैं कि वे दोनों राजस्थान के अजमेर से 18 मई को गांव पहुंचे थे। जिसके बाद उन्हें कोरा में बने क्वारेंटाइन सेंटर पर भेज दिया गया था। सेंटर का दौरा करने के दौरान सीओ सुशील कुमार उपाध्याय ने कहा था कि समस्या हो तो मेरे व्हाट्सएप पर फोटो और वीडियो भेज दीजिएगा। जिसके बाद हमलोगों ने सेंटर पर शौचालय और चापाकल की समस्या की जानकारी सीओ के व्हाट्सएप पर भेजी थी। शिकायत के बाद स्कूल परिसर में खराब पड़े दो चापाकल को ठीक किया गया है।
शुक्रवार को सीओ सुशील कुमार उपाध्याय, बीडीओ सिद्धार्थ कुमार सिंहवाड़ा पुलिस के साथ सेंटर पर आए थे। अधिकारियों ने गाली देते हुए पूछा कि किसने फोटो और वीडियो भेजा था। जैसे हो दोनों युवकों ने अपना नाम बताया तो उन्हें अधिकारियों ने स्कूल के कार्यालय कक्ष में ले जाकर बंद कर दिया और दोनों युवकों को सौ बार उठक-बैठक करने को कहा। फिर सीओ के साथ आए गार्ड व सिपाही ने लाठी से पीटना शुरू कर दिया। वहीं, बुजुर्ग रामदयाल महतो को गलियां दी।
हालांकि इस संबंध में पीड़ितों ने जिलाधिकारी को भी आवेदन दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि लॉक डाउन में इस तरह के अमानवीय कृत का मामला दुबारा सामने आने के बाद भी कोई त्वरित सख्त कारवाई की जाती है या मामले की लीपापोती ही आपदा के नाम पर की जाती है।

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