
मुख्य सचिव ने की प्रवासी कामगारों के लिए संचालित क्वारंटाइन केंद्रों की स्थिति की समीक्षा।
दरभंगा: सरकार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेसिग के माध्यम से राज्य के बाहर से आए प्रवासी कामगारों के लिए जिला में संचालित क्वारंटाइन केंद्रों की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ए कैटोगरी शहर और रेड जोन से आए हुए सभी प्रवासी व्यक्तियों, कामगारों को अनिवार्य रूप से 14 दिनों तक प्रखंड स्तर पर क्वारंटाइन किया जाए। इसमें रेड जोन से आने वाली महिलाएं भी शामिल होगी। कहा कि क्वारंटाइन केंद्रों में प्रवासी लोगों को सभी बुनियादी सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाए। ताकि, उन्हें वहां रहने में कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि रेड जोन वाले शहर से जो लोग आ गए हैं एवं आगे भी आने वाले होगें, उन सभी व्यक्तियों की गहन स्क्रीनिग कराई जाए। उनमें से किसी भी व्यक्ति में कोरोना का लक्षण दिखे तो तुरंत उसे आइसोलेट कर उसकी जांच कराई जाए। ताकि, संक्रमण फैलने का खतरा न रहे। कहा कि बहुत से प्रवासी कामगारों को होम क्वारंटाइन में भेजा गया है। उन लोगों को भी पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर गहन स्क्रीनिग कराई जाए एवं कोरोना के लक्षण वाले व्यक्तियों को आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट कराकर उनके सैंपल की जांच कराई जाए। हाई रिस्क जोन से आने वाले अधिक से अधिक सिटोमेटिक व्यक्तियों की पहचान कर जांच करा लिया जाना अत्यंत जरूरी है। मुख्य सचिव ने जिला में आइसोलेशन वार्ड की क्षमता बढ़ाने एवं प्रखंड स्तर पर भी आइसालेशन वार्ड विकसित करने को कहा है। समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि होम क्वारंटाइन किए गए सभी प्रवासी कामगारों के स्वास्थ्य की स्क्रीनिग कराने की कार्य योजना तैयार कर ली गई हैं। बताया कि प्रखंड क्वारंटाइन में ठहरे हुए सभी प्रवासी कामगारों की स्क्रीनिग कराई जा रहीं हैं और सिटोमेटिक व्यक्तियों के सैंपल लेकर जांच भी कराई जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय एवं प्रखंड मुख्यालयों में आइसोलेशन वार्ड की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा हैं। जिला में वर्तमान में लगभग 750 बेड की क्षमता उपलब्ध है। इसमें डीएमसीएच परिसर में अवस्थित बीएससी नर्सिंग हॉस्टल एवं कॉलेज में संस्थापित आइसोलेशन वार्ड में 410 बेड की क्षमता हैं। इसके अलावा विभिन्न होटल, बेनीपुर, बिरौल और जाले स्थित एएनएम स्कूल में गठित आइसोलेशन वार्ड में बेड की पर्याप्त क्षमता मौजूद हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को रोजगार प्रदान करना सबसे जरूरी है। स्थानीय स्तर पर उन्हें उनके हुनर के हिसाब से रोजगार प्राप्त होने पर वे यहां स्थाई तौर पर रहने की सोचेंगे। ऐसा होने से मजदूरों के पलायन पर रोक लग सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी छूटे
हुए पात्र परिवारों को राशन कार्ड मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए जिला में अभियान चलाकर छूटे हुए प्रवासी और स्थाई पात्र परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध करा दी जाए।
बैठक में एसएसपी बाबू राम, सिटी एसपी योगेंद्र कुमार, डीडीसी डॉ. कारी प्रसाद महतो, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, आपदा प्रभारी पुष्पेश कुमार, डीआईओ राजीव झा आदि मौजूद थे।

