
अपराधियों को सिर्फ पकड़ने से नही चलेगा काम, ठोस साक्ष्यों के साथ सही सजा भी दिलाएं: आईजी।
दरभंगा: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ठोस साक्ष्य संकलन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। अक्सर देखा जाता है कि कई कांडों का उद्भेदन व गिरफ्तारी पुलिस द्वारा कर ली जाती है, परंतु ठोस साक्ष्य की कमी के कारण अपराधी को उचित सजा नहीं मिल पाती।
मिथिला प्रक्षेत्र के आईजी अजिताभ कुमार ने शुक्रवार को बताया कि दरभंगा, मधुबनी व समस्तीपुर जिले के डीएसपी को अपराध की घटना में ठोस साक्ष्य संकलन पर जोर देने को कहा गया है ताकि अपराधियों को उचित सजा मिल सके। खासकर जो व्यावसायिक अपराधी हैं, उनके केस में ठोस साक्ष्य संकलन की अहम जरूरत है। आईजी ने बताया कि मार्च की तुलना में अप्रैल में मिथिला प्रक्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। प्रत्येक जिले में मार्च की तुलना में अप्रैल में 100 से 125 कम केस दर्ज हुए हैं। बीते माह में मुख्य अपराध डकैती, हत्या इत्यादि केस में भी काफी कमी हुई है। इसके अलावा मार्च में सामान्य अपहरण की घटना को लेकर 82 केस दर्ज हुए थे। यह अप्रैल में घटकर 14 हो गया।
मार्च मेंं 99 वाहनों की चोरी हुई थी, जो अप्रैल में घटकर 27 हो गई। आईजी ने फिर से पुलिस अधिकारियोंं व कर्मियों को कोरोना वायरस सेे सतर्क रहकर काम करने की नसीहत दी। उन्होंने हर हाल में पुलिस कर्मियों को मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करने को कहा है। उन्होंने बताया कि मिथिला क्षेत्र में 22 से 28 मई के बीच कुल 146 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। एक सप्ताह मेंं दरभंगा में 42, मधुबनी में 66 और समस्तीपुर में 38 आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इसमें 28 शीर्ष नामी अपराधी भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस बीच दो आग्नेयास्त्र व एक कारतूस की बरामदगी के अलावा नौ वाहनों को जब्त किया गया
है। आईजी ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों से 14 लाख 81 हजार रुपये वसूल किये गयी। इसके अलावा मिथिला प्रक्षेत्र में 2536 लीटर विदेशी व 515 लीटर देसी शराब मिली।

