
दरभंगा से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेनों का परिचालन शुरू, दिल्ली केलिए खुली पहली ट्रेन।
दरभंगा-समस्तीपुर रेलखंड की बड़ी लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेन परिचालन का मिथिला के लोगों का सपना सोमवार को पूरा हुआ। दरभंगा जंक्शन से सुबह 8.25 बजे नयी दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन को रवाना किया गया। इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही लोगों की चिर-प्रतीक्षित मांग भी पूरी हो गयी। इस दौरान ट्रेन के चालक दल के अलावा यात्रियों का भी उत्साह देखते ही बन रहा था। दरभंगा से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ पहली बार ट्रेन सेवा शुरू होने से यात्री काफी खुश दिख रहे थे।
मिथिला के लोग वर्ष 1996 से ही दरभंगा से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन करने की मांग कर रहे थे। इस ट्रेन के रवाना होने पर रेल लाइन किनारे बने घरों के लोग व सड़क पर चल रहे राहगीर भी इसे एकटक निहार रहे थे। वे इंजन को निहार नहीं रहे थे बल्कि अपने लंबे संघर्ष के परिणाम को फलीभूत होते देख रहे थे।
मालूम हो कि वर्ष 2014- 15 के रेल बजट में ही समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के परिचालन की बात कही गयी थी। इसके बाद लोगों की उम्मीदें भी जग गयी थी। 304 करोड़ की इस परियोजना के पूर्ण होने में कई वर्ष लग गए। अखिर सोमवार को लोगों का यह सपना पूरा हो गया।
दरभंगा- जयनगर 69 किलोमीटर रेलखंड पर इलेक्ट्रिक इंजन के परिचालन को लेकर गत 21 मार्च को सीआरएस इंस्पेक्शन भी हुआ था, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम बाधित हो गया था। हालांकि अभी दरभंगा-समस्तीपुर 38 किलोमीटर रेलखंड पर सिंगल लाइन पर ही इलेक्ट्रिफिकेशन का कार्य पूरा किया गया है।
मालूम हो कि इलेक्ट्रिक इंजन के साथ ट्रेन के रवाना होते ही मिथिला के लिए एक नए युग का प्रारंभ हो गया है।
छोटी लाइन, स्टीम इंजन, बड़ी लाइन, डीजल इंजन आदि अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। अब लोगों को गंतव्य तक जाने में काफी समय की बचत होगी। साथ ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

