
सड़क दुर्घटना में ऑटो यूनियन के नेता की मौत, परिजनों का डीएमसीएच पर लापरवाही का आरोप।
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दरभंगा: सिमरी थाने के भरौल में शनिवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे सड़क दुर्घटना में ऑटो यूनियन के जिला अध्यक्ष व जदयू के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष कृष्णदेव पूर्वे की मौत हो गई। वे 45 वर्ष के थे।
बताया जाता है कि श्री पूर्वे बाइक से मुजफ्फरपुर जा रहे थे। इसी दौरान शोभन-एकमी बाईपास पर भरौल में उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी। सिमरी थाने की पुलिस उन्हें जीप में लेकर इलाज के लिए डीएमसीएच पहुंची। लेकिन पुलिस जीप में ही उनकी मौत हो गयी। उनके साथ रहे लोगों का कहना है कि डीएमसीएच के आपातकालीन विभाग में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं थे। डॉक्टर के आने के इंतजार में कृष्णदेव ने पुलिस जीप में ही दम तोड़ दिया। उन्हें देखने हायाघाट के जदयू विधायक अमरनाथ गामी भी डीएमसीएच पहुंचे थे। डीएमसीएच प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर हंगामा किया। लहेरियासराय थानाध्यक्ष एचएन सिंह ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
उधर, डीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया। इस मामले में डीएमसीएच के डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज की मौत हो चुकी थी। वहीं, विधायक अमरनाथ
गामी ने भी डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डॉक्टर ने मरीज को देखने के बाद उसे मृत तो घोषित कर दिया, लेकिन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने में देर कर दी। उन्होंने कहा कि वह समय डॉक्टर की ड्यूटी बदलने का था। जिस डॉक्टर ने मरीज को देखा था वे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे बिना घर चले गए।
मौके पर उपस्थित भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अशोक नायक ने कहा कि डॉक्टर के लापरवाही के कारण मौत हुई है। एक भी डॉक्टर की उपस्थिति नहीं थी इमरजेंसी में उक्त समय। दरभंगा अस्पताल मौत घर हैं, अस्पताल को स्वंगय इलाज की जरूरत है, पूर्णतः कुव्यवस्था हैं। कैसे लोग इन डॉक्टरों कर्मवीर योध्दा से सम्मानित करते हैं, इनका सम्मान नहीं होना चाहिए।

