
मिथिला पेंटिग एडेड परिधान, सिलाई एवं बढ़ईगिरी कलस्टर योजना को दिया जाएगा मूर्तरूप।
दरभंगा: जिलाधिकारी डॉ0 त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में शनिवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में मुख्यमंत्री सुक्ष्म व लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना के अन्तर्गत ‘‘सामान्य सुविधा केन्द्र’’ की स्थापना हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई।
जिला स्तरीय समिति के समन्वयक सदस्य जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक द्वारा जिला में लघु उद्योग कलस्टर विकास योजना के अन्तर्गत सामान्य सुविधा केन्द्र के स्थापना हेतु तीन प्रोजेक्ट यथा – मिर्जापुर (पूअर होम) में मिथिला पेंटिग एडेड परिधान कलस्टर, कादिराबाद में सिलाई कलस्टर एवं सिंहवाड़ा में बढ़ईगिरी कलस्टर का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव का समिति के सदस्यों द्वारा सम्यक विचारोपरान्त अनुमोदित कर अग्रतर कार्रवाई हेतु राज्य स्तरीय समिति को भेजने का निर्णय लिया गया।
महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व दिनांक 18 मई 2020 को भी जिला स्तरीय समिति द्वारा चार कलस्टर का प्रस्ताव।अनुमोदित कर आवश्यक कार्रवाई हेतु राज्य स्तरीय समिति को भेजा जा चुका है।
जिलाधिकारी ने कहा है कि वैश्विक महामारी के रोकथाम हेतु देशव्यापी लॉक डाउन से उत्पन्न हालात में तीव्र रोजगार सृजन हेतु यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इस तरह के विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन होने से जिला के बेरोजगार लोंगो को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर प्राप्त होने लगेंगे। जिलाधिकारी द्वारा इन योजनाओं को तेज़ी से क्रिर्यान्वित करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि मिथिला पेंटिग एडेड परिधान कलस्टर योजना अन्तर्गत स्थानीय उद्यमियों की उद्यमशीलता, उत्पादित वस्तुओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी सशक्त उपस्थिति स्थापित कर आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने का उद्देश्य है।
विदित हो कि मिथिला चित्रकला कला की एक विश्व प्रसिद्ध विधा है, जिसका वैश्विक स्तर पर एक पहचान और प्रसिद्धि है। देश के प्रधानमंत्री एवं बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा भी विभिन्न अवसरों पर मिथिला चित्रकृत परिधानों के प्रोमोशन पर प्रसन्नता जाहिर किया गया है। मिथिला पेंटिंग किये हुए मास्क की लोकप्रियता बढ़ रही है। दरभंगा जिला में मिथिला चित्रकला को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक द्वारा दरभंगा नगर के मिर्ज़ापुर मोहल्ले में स्थित सृजन मिथिला नामक संस्था को मिथिला पेंटिग एडेड परिधान कलस्टर योजना अन्तर्गत चयन किये जाने का बैठक में प्रस्ताव रखा गया। इसपर जिलाधिकारी द्वारा विचार करने का आश्वासन दिया गया है। बताया गया है कि यह संस्था मिथिला पेंटिग प्रशिक्षण केन्द्र-सह-पेंटिग एडेड परिधान / बुटिक निर्माण व प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करती है। यहां पर मिथिला की प्राचीन व विश्व प्रसिद्ध कला को परिधानों पर चित्रित व उकेर कर कला को उद्यम/व्यवसाय से जोड़कर लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रबंधक द्वारा बताया गया कि कादिराबाद में सिलाई कलस्टर योजना अन्तर्गत बाहर से आ रहे प्रवासी सिलाई कारीगरों को इस योजना का लाभ प्राप्त होगा। वर्त्तमान वैश्विक कोरोना महामारी के कारण मास्क की बढ़ती मांग को देखते हुए एवं अन्य परिधानों के सिलाई से संबंधित स्थानीय महिला कामगारों के लिये एक बड़ा अवसर प्राप्त हुआ हैं। इस प्रक्षेत्र से जुड़े उद्यमियों/कारीगारों को तुरंत रोजगार प्राप्त हो सकेगा। साथ ही यहां राष्ट्रीय मानक स्तर का उत्पादन होने से स्थानीय बाजार में मांग की पूर्त्ति भी हो सकती है।
बताया गया कि दरभंगा जिला उत्तर बिहार तथा मिथिलांचल का प्रमुख शहर है, जो रेल यातायात एवं राष्ट्रीय राज मार्ग एन.एच. 57 से जुड़ा हुआ है। यहां हवाई
यातायात की सुविधा भी शीघ्र प्राप्त होने की संभावना है। दरभंगा की भौगोलिक जनसांख्यिक सांस्कृतिक पारंपरिक विशेषता भी इस प्रस्तावित उद्यम के प्रसार में महत्वपूर्ण कारण सिद्व हो सकती है।
वही सिंहवाड़ा में बढ़ईगिरी कलस्टर योजना अन्तर्गत इस पेशे से जुड़े कारीगरों के जीवकोपार्जन हेतु इनके कौशल को वैश्विक गुणवत्ता के अनुरूप उत्पाद को स्थानीय बाजारों में पुरानी कलात्मक आर्थिक गतिविधि को पुनर्जीवित व प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

