Home Featured पटना के बाद अब दरभंगा जंक्शन पर भी जल्द दिखेगा मास्क और सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन।
Featured - मुख्य - June 9, 2020

पटना के बाद अब दरभंगा जंक्शन पर भी जल्द दिखेगा मास्क और सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन।

दरभंगा: लॉक डाउन के अनलॉक फेज में प्रवेश करते ही रेलवे से यात्रा करने वालो की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को कोरोना वायरस से सुरक्षित कर यात्रा करवाने केलिए रेलवे लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने के लिए रेलवे ने बेहतर कदम उठाया है।
एकतरफ जहां पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर रेलवे की ओर से मास्क और सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन लगाई गई है। वहीं समस्तीपुर मंडल अंतर्गत दरभंगा जंक्शन पर भी सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन लगाए जाने की योजना है। इसको लेकर समस्तीपुर रेल मंडल में विचार किया जा रहा है। उक्त मशीन की कीमत दो लाख से ज्यादा है। दानापुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक आधार राज ने कहा कि पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर सबसे पहले एमएसडी मशीन चालू की गई है। मशीन यात्रियों को मदद करेगी, मशीन के माध्यम से सस्ती कीमत पर मास्क, हैंड सैनिटाइजर प्राप्त कर सकेगा। यह विशेष रूप से उन सभी यात्रियों के लिए बहुत मददगार होगा, जो स्टेशन पर या ट्रेनों में सवार होकर आते हैं और कोविड-19 महामारी के प्रकोप के दौरान मास्क और सैनिटाइजर लाना भूल जाते हैं। इस मशीन में उत्पादों की कीमत प्रदर्शित करने के लिए टचस्क्रीन डिस्प्ले सुविधा दी गई है। मशीन को चलाने के लिए कंपनी को बिल राशि के अलावा एक हजार रुपये के मामूली किराए पर स्थान और बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया है। ईसीआर सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि डिस्पेंसर मशीन में सिक्कों के अलावे नोट भी स्वीकार्य किया जाता है। मशीन यात्री की ओर से क्रय की जाने वाली वस्तुओं की निर्धारित कीमतों में कटौती के बाद शेष राशि वापस कर देती है। इसमें 48 अलग-अलग वस्तुओं की वेंडिग की क्षमता है। अब तक, विभिन्न सुरक्षा गुणों के मास्क और यात्रा-आकार के हैंड सैनिटाइजर की बोतल को स्वचालित वेंडिग के लिए रखा गया है। सभी वस्तुओं की कीमत मशीन के अंदर फीड है।
समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीसीएम सरस्वती चंद्र ने बताया कि पटना जंक्शन पर मास्क और हैंड सैनिटाइजर डिस्पेंसर मशीन लगाई गई है। मशीन की कीमत दो लाख से ज्यादा है। समस्तीपुर मंडल में इसे लगाने के लिए अध्ययन चल रहा है। जरूरत के हिसाब से बड़े जंक्शनों पर भविष्य में मशीन लगाई जा सकती है।

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