
राज्य में 6 फीट औसत भूगर्भीय जलस्तर की वृद्धि के मुकाबले दरभंगा में 8.4 फीट की वृद्धि सुखद संदेश।
दरभंगा: लगातार दो वर्ष जलसंकट झेलने के बाद इस वर्ष बिहार में भूगर्भीय जलस्तर में वृद्धि हुई है। जल जीवन हरियाली अभियान का असर दिखा है।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की तरफ से 30 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पटना सहित राज्य के सभी जिलों के भू-गर्भ जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। सबसे अधिक भभुआ पीएचईडी प्रमंडल में 11 फीट चार इंच जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। गया प्रमंडल 10 फीट 11 इंच वृद्धि के साथ दूसरे स्थन पर है। नौ फीट सात इंच के साथ तीसरे स्थान पर जहानाबाद है। पटना जिले के दोनों प्रमंडलों में औसतन छह फीट से अधिक भू-गर्भ जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं दरभंगा प्रमण्डल में 8.4 फीट की वृद्धि दर्ज की गयी है। राज्य में लगभग 6 फीट की औसत वृद्धि के मुकाबले दरभंगा प्रमंडल में 8.4 फीट की वृद्धि निश्चित रूप से सुखद संदेश है। दरभंगा प्रमण्डल में वर्ष 2019 में जलस्तर जहां 22.10 पर चला गया था, वहीं इस वर्ष 14.60 पर आ गया है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष तेज गर्मी नहीं होने तथा बीच-बीच में बारिश होने के साथ-साथ जल जीवन हरियाली योजना के तहत भू-गर्भ जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे कार्यों का परिणाम है। दरभंगा में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम के पहल जिले में तालाबों एवं सरकारी जल स्रोत को अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्तकई आहर-पईन हैं आदि बनवाये गए। भू-गर्भ जल संरक्षण के लिए समाहरणालय सहित सरकारी कार्यालय, पार्क, सरकारी
और निजी विद्यालयों में सोखता बनवाया जा रहा है। निजी मकानों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा दिया जा रहा। जिलाधिकारी द्वारा इस वर्ष भी पृथ्वी दिवस पर 7 लाख 70 हजार नये पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसको लेकर हाल ही में बैठक कर सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश भी जारी किया गया है।

