
नाबालिग बच्ची की मौत के मामले में एसएसपी ने खुद पहुँच कर की जांच।
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दरभंगा: जिले के पतोर ओपी थाना क्षेत्र के पतोर गांव में 12 साल की लड़की का शव मिलने के बाद लोगो ने जमकर हंगामा किया। हत्या के शक में आरोपी गांव के ही रिटायर फौजी अरुण मिश्र के घर हमला भी किया। घरवाले किसी तरह जान बचाकर निकल गए। बाद में मौके पर पुलिस पहुँची। पुलिस को भी लोगो के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पतोर ओपी प्रभारी सुभाष चन्द्र मंडल के साथ भी मारपीट की गयी। लोगो की भीड़ को हमलावर होते देख किसी तरह से थाना प्रभारी अपनी जान बचाकर वहा से निकले और पूरी घटना की जानकारी आला अधिकारियो को देने के साथ मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की। इस बीच आक्रोशित लोगो ने सड़क जमकर हंगामा करते रहे बाद में सैकड़ो की संख्या में लोगो ने थाने को घेर लिया।
हालात को बिगड़ता देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ खुद दरभंगा के एसएसपी बाबूराम पहुचे और लोगो को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद लोगो का गुस्सा थोड़ा शांत हुआ जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया।
मीडिया से बात करते हुए एसएसपी बाबू राम ने बताया कि लोगो ने गांव के ही परिवार पर आम तोड़ने के कारण बच्ची की हत्या करने की बात कह रहे है और आरोपी लाश को छुपा कर घर के बगीचे में रखा था। आरोपी अपने बगीचे और घर के चारो तरफ सुरक्षा कारणों से बिजली का तार भी लगा रखा था। अब बच्ची की मौत करेंट लगने से हुई या उसकी हत्या की गयी, यह पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा। लेकिन दोनों ही परिस्थिति में घर के मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कानूनी कारवाही की जायेगी।
इधर गांव के लोगो की बात माने तो हत्या के पीछे जितनी मुँह उतनी बाते सामने आ रही है। कोई बच्ची के साथ की हत्या की बात कह रहा है तो कोई महज एक आम तोड़ने के कारण बच्ची की हत्या की बात बता रहा है।
बहरहाल हत्या के पीछे कारण क्या है यह तो जांच के बाद
ही पता चल पायेगा लेकिन एक बात तो सत्य है कि हत्या आम तोड़ने के कारण हो या आम की सुरक्षा में लगाये बिजली के तार की करंट से हुई हो, यह हत्या है या हादसा दोनों ही वजह यह बता रहा है आरोपी की करतूत सभ्य समाज के लिए गैरजिम्मेदाराना है।

