
सीबीएसई दसवीं बोर्ड में भी ओमेगा का जलवा, सर्वाधिक अंक के साथ शिवानी झा बनी संस्थान की टॉपर।
दरभंगा: दरभंगा सहित पूरे मिथिलांचल में सफलता का दूसरा नाम बनता जा रहा है शहर के मिर्जापुर में अवस्थित ओमेगा स्टडी सेंटर। लगातार परीक्षाओं में परिणाम को बेहतर करते जा रहे ओमेगा स्टडी सेंटर के विद्यार्थियों ने एकबार फिर सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान एवं अपने अभिभावकों का मान बढ़ाया हैl
उपरोक्त जानकारी देते हुए संस्थान के चेयरमैन सुमन कुमार ठाकुर ने बताया कि ओमेगा के बच्चों के बेहतर रिजल्ट ने पूरे संस्थान को गौरवान्वित किया है। श्री ठाकुर ने कहा कि वैसे तो लगभग संस्थान के सभी बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और विशेष रूप से शिवानी झा 96.2%, हिमांशु ठाकुर 96.1%, जितेश कुमार 95.2%, अस्तुति प्रिया 95%, सौम्या सिन्हा 95%, आलोक कुमार 95% सहित 9 बच्चों ने 95% से अधिक अंक, 40 से अधिक बच्चों ने 90% से ज्यादा अंक हासिल किया जो मिथिलांचल के लिए गौरव की बात है।
संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमित कुमार चौबे ने कहा सफलता के कारकों का जिक्र करते हुए बताया कि संस्थान के अनुभवी शिक्षकगणों के सटीक मार्गदर्शन और बच्चों के कठिन परिश्रम के साथ-साथ संस्थान पर अभिभावकों के विश्वास का ही नतीजा है कि आज ओमेगा के 40 से अधिक बच्चों ने 90% से अधिक अंक अर्जित किया है एवं बाकी बच्चों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। संस्थान के बच्चों ने विषय-वार बेहतर अंक हासिल किया है, विज्ञान- 99, गणित- 100, अंग्रेजी- 99 एवं सामाजिक विज्ञान- 99 अंक हासिल कर साबित किया है, की यदि उचित मार्गदर्शन मिले तो कठिन परिश्रम के बल पर छोटे शहर में रहकर भी एक बेहतरीन रिजल्ट हासिल कर विद्यार्थी अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैंl अंत में श्री ठाकुर ने संस्थान के सभी शिक्षक गणों को उनके बेहतरीन कार्य के लिए धन्यवाद दिया एवं पूरे ओमेगा परिवार को बधाई दी, साथ ही साथ मिथिलांचल के तमाम अभिभावकों को संस्थान पर अटूट भरोसा बरकरार रखने के लिए विशेष तौर पर धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि संस्थान
भविष्य में और बेहतर रिजल्ट हासिल करने के लिए कृत संकल्पित है। साथ ही श्री ठाकुर ने जानकारी दी की वर्तमान समय के विषम परिस्थिति को देखते हुए संस्थान ने अपने सभी छात्र-छात्राओं के लिए टू वे कम्युनिकेशन के साथ ऑनलाइन क्लास एवं डाउट सॉल्विंग सेशन जारी रखते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक गतिविधि को बाधित नहीं होने दिया है।

