
नदी का जलस्तर बढ़ने से हायाघाट दरभंगा सड़क इनमाइत बांध के पास बह रहा पानी।
दरभंगा: करेह एवं बागमती नदी के जलस्तर में तेजी से इजाफा हो रहा है। हायाघाट से दरभंगा जाने वाली मुख्य सड़क पर इनमाइत बांध के निकट 4 फीट पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। बता दें कि काेविड-19 के कारण पैसेंजर ट्रेनाें का परिचालन अभी बंद है। वहीं समस्तीपुर से दरभंगा व हायाघाट से दरभंगा जाने वाली उक्त सड़क ही आवागमन का एकमात्र रास्ता है। वहीं अब करेह नदी के जलस्तर बढ़ने से लाेगाें की परेशानी बढ़ गई है। प्रखंड के पदाधिकारी, कर्मी, सब्जी व्यापारी व अन्य व्यापारी इसी मार्ग से आते जाते हैं। बाढ़ के पानी से खेतों में लगी फसलें बर्बाद हाे गई हैं।। अब सिरनिया दक्षिणी गांव में बसे सैकड़ों परिवार के लोग सभी जरूरी वस्तुएं एवं मवेशी को ऊंचे स्थानों पर रखने की कवायद तेज कर दी है।
समाजसेवी रणधीर झा ने कहा कि हर साल जुलाई माह में बाढ़ के तांडव का लोगाें का सामना करना पड़ता है। नदी के आसपास बसे गांवों के लोग बताते हैं कि इस बार का मानसून, उसके बाद बाढ़ का पानी क्षेत्र में तबाही मचाने के लिए काफी है। क्योंकि तटबंध के क्षतिग्रस्त एवं ऊंचीकरण पर स्थानीय प्रशासन कोई बेहतर कदम नहीं उठा सका है। वहीं खानापूर्ति करने के लिए तटबंध पर 20 से 25 मिट्टी से भरी बोरियों को रख दिए गए हैं। लेकिन अब छोटी कवायद से इस बार काम नहीं चलने वाला है।
दोनों नदियां तटबंध के नीचे अधिक दबाव बना रही हैं। पानी लगातार बढ़ने की आशंका से तटबंध के नजदीक बसे गांवाें के लोग बेचैन हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक ऐसी ही पानी बढ़ना लगातार जारी रहा तो नदी की दोनों तरफ से स्थिति और भी भयावह हो जाएगी। हालांकि बाढ़ के पानी से हायाघाट प्रखंड क्षेत्र के घरारी,सरायहमीद, अम्माडीह गांव में हालत काफी दयनीय हो गई है। लोगों ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन से सरकारी नाव की मांग की है। लेकिन अभी तक जरूरी कामकाज करने वाले लोग निजी नाव का सहारा लेकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
जहां-जहां तटबंध की स्थिति जर्जर है वहां पर मिट्टी भरी बोरियों से मरम्मत की जा रही है : सीओ
सीओ कमल प्रसाद साह ने बताया कि जहां-जहां तटबंध की स्थिति जर्जर है, वहां पर मिट्टी से भरी बोरियों के द्वारा मरम्मत की जा रही है। नदी के जलस्तर बढ़ने को लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र में 10 सरकारी नाव आवागमन के लिए चालू कर दिया गया है।

