
बाढ़ राहत व बाढ़ निरोधक कार्य लगातार जारी, अबतक 39402 परिवारों को दिया गया पॉलिथीन सीट।
दरभंगा: लगातार हो रही भारी बारिश तथा नेपाल की तराई में कमला बलान, बागमती व कोसी नदी के कैचमेंट एरिया में भारी बारिश होने के कारण इन नदियों में आई बाढ़ से दरभंगा जिला वर्तमान में बाढ़ प्रभावित है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में संबंधित अंचलाधिकारियों एवं प्रखंड के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों द्वारा लगातार भ्रमण कर बाढ़ राहत कार्य एवं बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा लगातार बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की निगरानी की जा रही है तथा संबंधित अधिकारियों/अभियंताओं को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन शाखा, दरभंगा द्वारा जारी प्रतिवेदन के अनुसार दरभंगा जिला के सदर दरभंगा, बहादुरपुर, हायाघाट, हनुमाननगर, जाले, सिंहवाड़ा, केवटी, बहेड़ी, बिरौल, बेनीपुर, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर, किरतपुर, कुशेश्वरस्थान व कुशेश्वरस्थान पूर्वी, कुल 15 प्रखंड के कुल 200 पंचायत बाढ़ प्रभावित हैं, जिनमें 150 पंचायत पूर्णतः एवं 50 पंचायत अंशतः प्रभावित हैं। प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार अब तक 911 गांव के 18 लाख 71 हजार 480 परिवार प्रभावित हुए हैं। सभी बाढ़ प्रभावित
स्थानों पर बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के लिए सामुदायिक रसोई चलाकर भोजन की व्यवस्था कराई गयी है। वर्तमान में पानी से घिरे 911 गांवों में 519 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 2 लाख 18 हजार 072 लोगों को सुबह-शाम भोजन कराया जा रहा है। जरूरतमंद लोगों के बीच अस्थायी आश्रय बनाने के लिए आवश्यकतानुसार पॉलीथिन शीट्स का वितरण करवाया जा रहा है। अभी तक 39 हजार 402 पॉलिथीन शीटस का वितरण करवाया जा चुका है।
पानी से घिरे गांवों में सूखा खाद्य पैकेट का वितरण करवाया जा रहा है। अबतक 9910 सूखा फ़ूड पैकेट का वितरण करवाया गया है एवं अन्य प्रखंडों से जिला भंडार गृह से आवश्यकता अनुरूप पैकेट्स मांगने एवं वितरित करने का निर्देश दिया गया है।
बाढ़ प्रभावित पानी से घिरे गांवों के लोगों के आवागमन की सुविधा एवं राहत कार्यों के लिए 410 निजी एवं 55 सरकारी, कुल 410 नाव चलवाये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की 03 टीमें लगायी गयीं हैं, जिनमें 90 व्यक्ति 17 मोटरवोट के साथ तैनात किए गए हैं, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रेकी कर बचाव एवं राहत कार्य कर रहे हैं।
एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीम द्वारा मेडिकल टीम एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ साथ गंभीर बीमार एवं गर्भवती महिलाओं को भी गांवों से बाहर लाने ले जाने की सुविधा प्रदान की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में 65 स्थलों पर स्वास्थ्य शिविर का संचालन किया जा रहा है, जहाँ लगातार लोगों का उपचार किया जा रहा है। अबतक 10244 लोगों का उपचार किया गया है तथा तथा उन्हें निःशुल्क दवा मुहैया कराई गई है।
पानी को शुद्ध पेयजल बनाने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के प्रभावित परिवारों के बीच 14260 हैलोजन टेबलेट वितरित किए गए हैं। स्वच्छता बनाये रखने के लिए बाढ़ प्रभावित गांव के नालियों एवं कचड़े वाले स्थलों पर 300 किलोग्राम ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया है।
पीएचईडी द्वारा लगातार नए आश्रय स्थलों पर चापाकल हलाया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पशुओं के उपचार एवं उनकी देखभाल के लिए 08 पशु कैप कार्यरत हैं, जिनमें अबतक 165 पशुओं का उपचार किया गया है। अब तक लगभग 350 क्विंटल पशु चारा का वितरण करवाया गया है।

