Home Featured आयोध्या से राघोपुर मन्दिर का ऐतिहासिक जुड़ाव, इलाके में शिलापूजन का रहा था केंद्र: प्रदीप ठाकुर।
Featured - मुख्य - August 5, 2020

आयोध्या से राघोपुर मन्दिर का ऐतिहासिक जुड़ाव, इलाके में शिलापूजन का रहा था केंद्र: प्रदीप ठाकुर।

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दरभंगा: अयोध्या राम जन्मभूमि पूजन के अवसर पर बुधवार को मनीगाछी के राघोपुर रामजानकी मंदिर सह पुजारी बाबा स्मारक पर भजन कीतर्न का आयोजन हुआ। साथ संध्या काल मे मन्दिर परिसर को दीपों से सज्जित करने की तैयारी भी हुई।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजनकर्ता भाजपा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप ठाकुर ने बताया कि राघोपुर राम जानकी मंदिर का इतिहास आयोध्या से सीधा जुड़ा रहा है। यहां के संस्थापक पुजारी बाबा रामसेवक दास जी का कर्मभूमि अयोध्या ही था। वहीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने यहां रामजानकी मन्दिर की स्थापना की थी। वर्तमान संरक्षक रामबालक दास जी महाराज का भी कर्मभूमि अयोध्या ही है और आज के ऐतिहासिक दिन का गवाह बनने वे अयोध्या में उपस्थित हैं और भूमि पूजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राघोपुर गांव के विषय में बताते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि पूर्वजों का मानना था कि त्रेता युग मे भगवान राम के चरण यहाँ पड़े थे। इसी कारण इस गांव का नाम राघोपुर पड़ा।
श्री ठाकुर ने बताया कि इस मंदिर का इतिहास शिलापूजन से जुड़ा हुआ है। 1989 में आसपास के इलाकों से लोगों ने शिला पूजन कर यहीं सारे शिला को इकट्ठा किया था और यहीं से शिला को अयोध्या भेजा गया था। आज जब रामजन्मभूमि पूजन का ऐतिहासिक क्षण आया है, तो इस अवसर यहां भी मन्दिर में आज भजन कीर्तन का आयोजन किया गया है। साथ ही संध्या काल मे मन्दिर को दीपों से सुसज्जित किया जाएगा। सभी लोग अपने घरों पर भी दीप जलाएंगे और भारत के कालखंड ने इस दिन को गौरवशाली दिन बनाया जाएगा।
इस अवसर पर किसान मोर्चा उपाध्यक्ष परेश मिश्र, राधावल्लभ झा, सुधीर झा, दिलीप चौपाल, नरेश झा, उत्तम मिश्र, गौरव झा, रितेश शास्त्री, विकास झा, प्रभाष मिश्र, पुजारी नागेन्द्र मिश्र, रतन झा, राजन पंडित, सुजीत झा, रोहित झा,दानविहारी, अतुल मिश्रा, कृष्ण कान्त झा, त्रिदेव मिश्र, मदन झा, मुन्ना झा आदि भी उपस्थित थे।

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