
डीएमसीएच की खामियों को दूर कर 48 घंटे में रिपोर्ट भेजने का निर्देश।
दरभंगा: स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बुधवार को डीएमसीएच के कोरोना आइसोलेशन वार्ड का जायजा लिया। इस दौरान कई तरह की खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ़ एचएन झा को वहां की खामियों को दूर कर 48 घंटे में उन्हें रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया। प्रधान सचिव ने दो टूक कह दिया कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोटाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री अमृत दोपहर करीब तीन बजे डीएमसीएच के कोरोना आइसोलेशन वार्ड में पहुंचे। डीएम डॉ़ त्यागराजन एसएम, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह व प्रशिक्षु आइपीएस प्रियंका रानी भी उनक साथ थीं। प्राचार्य के अलावा अस्पताल अधीक्षक डॉ़ मणिभूषण शर्मा के साथ वे आइसोलेशन वार्ड के अंदर पहुंचे। वहां डोइंग व डॉपिंग रूम की व्यवस्था नहीं देख उन्होंने नाराजगी जताई। प्रधान सचिव ने कहा कि पीपीई किट पहने व उसे उतारने के लिए डोइंग व डॉपिंग रूम का रहना अति आवश्यक है। उन्होंने इसकी व्यवस्था जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया। सीसीटीवी कैमरा बंद देख उन्होंने उसे दुरुस्त कराने को कहा।
वहीं कोरोना के हाई डिपेंडेंसी वार्ड में ऑक्सीजन कंसेनट्रेटर की कमी देख स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत एक बार फिर नाराज दिखे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने ऑक्सीजन पाइपलाइन की व्यवस्था करने वाले संवेदक को बुलाया। उन्होंने जल्द से जल्द वहां इसकी व्यवस्था करने का निर्देश दिया। रोस्टर डयूटी चार्ट कई वार्डों में सटा नहीं देख भी आपत्ति जताई।
कोरोना वार्ड से रवाना होने से पहले स्वास्थ्य विभगा के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत दरभंगा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व डीएमसीएच अधीक्षक को कई टास्क दे गए। उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों की पहचान के लिए जांच की संख्या काफी बढ़ा दे गई है। जांच की संख्या बढ़ने से मरीजों की संख्या में भी इजाफा होने की संभावना है। इसे
देखते हुए इलाज के लिए पूर्व से ही व्यवस्था करना आवश्यक है। प्रधान सचिव ने कहा कि मरीजों से कई तरह की शिकायतें मिली। अस्पताल प्रबंधन मरीजों को डॉक्टरों की सुविधा सुनिश्ति करे। डयूटी पर मौजूद नर्स हर हाल में समय पर मरीजों का फॉलोअप करे। रोस्टर डयूटी का हर हाल में पालन हो। बेहतर काम के लिए बेहतर सिस्टम डेवलप करना जरूरी है।

