
कोरोना को लेकर जिलाधिकारी ने की पीएचसी प्रभारियों के साथ ऑनलाईन बैठक।
दरभंगा: डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में कोरोना को लेकर बुधवार को जिले के सभी पीएचसी प्रभारी के साथ ऑनलाईन बैठक की गई। डीएम ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं बीडीओ से कहा कि एन्टीजेन टेस्ट के लिए जिन्हें जितना लक्ष्य दिया गया है, उन्हें उतना पूरा करना होगा। समीक्षा में कई प्रखण्डों की जांच दर कम पायी गयी है।
उन्होंने कहा कि विगत दिनों दरभंगा के जिन लोगों की मृत्यु कोविड-19 से हुई है उन्हें 15 अगस्त से पहले चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसलिए संबंधित बीडीओ उनका नाम, पता, मोबाईल नम्बर एवं बैंक खाता संख्या, आईएफसी कोड के साथ 13 अगस्त तक उपलब्ध करा दें।
डीपीएम विशाल कुमार सिंह ने बताया कि दरभंगा के आठ लोगों की मृत्यु कोविड-19 से हुई है, जिनमें से एक हनुमाननगर के तथा अन्य सभी दरभंगा सदर क्षेत्र के हैं। डीएम ने कहा कि मृतक के निकट आश्रित को अनुग्रह अनुदान की राशि 14 अगस्त तक उपलब्ध करा दी जाए। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को कहा कि जिन लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, आशा के माध्यम से उनसे नियमित रूप से हाल-चाल लिया जाता रहे। उन्हें मेडिकल किट्स निश्चित रूप से उपलब्ध करा दिया जाए और यदि किसी की तबीयत ज्यादा खराब होती है तो उसे तुरंत डीएमसीएच में भेजवाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा सुनने को मिल रहा है कि होम आइसोलेशन वाले व्यक्ति घर से बाहर भी घूमने निकल जाते हैं। अगर ऐसी सूचना मिलती है तो प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी टीम बनाकर जांच कराएं और उस व्यक्ति को डीएमसीएच भेजवाएं। उन्होंने कहा कि चूंकि अब कोरोना की जाच
ज्यादा हो रही है, इसलिए केस भी ज्यादा मिलेंगे। कंटेनमेंट जोन को सैनिटाईज या स्प्रे निश्चित रूप से करावें तथा बैरिकेडिग करावें और ध्यान रखें कि उसके अंदर-बाहर कोई आना-जाना न करें। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोविड-19 के लिए काम करने वाले चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों, लैब टेक्निशियन का 50 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया गया है। इस तथ्य से सभी संबंधित को अवगत करा दिया जाए चाहे वह निजी क्षेत्र के ही चिकित्सक क्यों न हों।

