
दरभंगा पहुँचे प्रभारी मंत्री ने कोरोना को लेकर की वर्चुअल मीटिंग, डीएमसीएच का भी किया मुआयना।
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दरभंगा: बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग मंत्री सह दरभंगा के प्रभारी मंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में दरभंगा के एनआईसी से दरभंगा जिला के जनप्रतिनिधियों के साथ कोरोना के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव को लेकर वर्चुअल मीटिंग की गयी।
बैठक के प्रारंभ में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम द्वारा जिले में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्य तथा कोरोना पॉजिटिव मरीजों के ईलाज के लिए की जा रही व्यवस्था से सभी जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि दरभंगा जिले में आज की तिथि में 1557 एक्टिव केस है, पिछले तीन से चार दिनों में जिले की पॉजिटिभिटी रेट में कमी आयी है, प्रतिदिन 4 हजार सैंपल टेस्टिंग कराया जा रहा है, डीएमसीएच में 120 बेड उपलब्ध हैं तथा पुराने आईसीयू में 7 एवं नये आईसीयू में 25 भेंडिलेटर युक्त बेड उपलब्ध हैं। डीएमसीएच का ऑक्सीजन प्लांट चालू करा दिया गया है, जिससे कोरोना आईसीयू वार्ड में सीधे ऑक्सीजन की आपूर्ति पाइप के माध्यम से हो रही है। डीएमसीएच में ऑक्सीजन प्लांट चालू हो जाने से प्रतिदिन 150 ऑक्सीजन सिलेण्डर की बचत हो रही है।
जिलाधिकारी ने बताया कि डीएमसीएच में 25 से 30 बेड और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए मानव संसाधन की आवश्यकता पड़ रही है, जिसे आउटसौर्सिंग से लेने का प्रयास किया जा रहा है। माधोपट्टी में एक ऑक्सीजन प्लांट कार्यरत है, जिससे 1000 से 1100 सिलेण्डर प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है, और उससे मधुबनी एवं सुपौल जिले को भी आपूर्ति की जा रही है। साथ ही कोरोना का ईलाज करने वाले निजी अस्पतालों को भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसकी निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में 13 पदाधिकारियों की एक टीम बनायी गयी है, जो डीएमसीएच एवं निजी अस्पतालों का भी निगरानी एवं अनुश्रवण कर रही है। इसके अतिरिक्त तीन रिफिलिंग ऑक्सीजन एजेंसी भी जिले में कार्यरत हैं, जो निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही डॉक्टर के पूर्जा के साथ यदि कोई जाएगा तो उसे भी दिलवा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान फ्लोमीटर मंगवाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक 25 हजार फ्लोमीटर क्रय किया गया है। उम्मीद है कि दरभंगा को पर्याप्त मात्रा में फ्लोमीटर उपलब्ध हो जाएगा। डीएमसीएच में भेंडिलेटर युक्त 35 बेड हैं, निजी अस्पतालों में भी भेंडिलेटर युक्त बेड उपलब्ध हैं, अभी भी 12 बेड खाली हैं। तीन और निजी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है।
18 वर्ष से 44 वर्ष वालों का टीकाकरण 09 मई से प्रारंभ कर दिया गया है। सरकार के निर्देश के अनुसार 18 वर्ष से 44 वर्ष वालों का टीकाकरण प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के समीप ही किया जाएगा। दरभंगा जिला में 24 स्थलों पर टीकाकरण चल रहा है, जिनमें 5 नगर निगम क्षेत्र में तथा प्रखण्डों में 19 स्थल पर चल रहे हैं। 45 वर्ष से अधिक उम्र वालों के लिए पंचायतवार रोस्टर बनाकर टीकाकरण किया जा रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी सूचना दी जा रही है। टीकाकरण में दरभंगा जिला का रैंकिंग में 9वाँ स्थान है।
स्टेट ड्रग कंट्रोलर द्वारा सहायक औषधि नियंत्रक के माध्यम से जिले को रेमडीसिविर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन अस्पतालों के द्वारा मरीज के अनुसार गूगल सीट पर माँग किया जाता है, उसके आधार पर उन्हें रेमडीसिविर उपलब्ध कराया जाता है।
मास्क का वितरण जिले में प्रारंभ करा दिया गया है। जिले में 9 लाख 65 हजार मास्क का वितरण किया गया है तथा 40 लाख मास्क का वितरण अभी किया जाना है।
प्रभारी मंत्री के अनुरोध पर बैठक में ऑनलाईन जूड़े सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने सुझाव दिये गये। इनमें डीएमसीएच में बेड बढ़ाने, डीएमसीएच की व्यवस्था और दुरुस्त करने, गंभीर कोरोना मरीजों का सीटी स्कैन करवाने, डीएमसीएच के चारों तल पर ऑक्सीजन की व्यवस्था करवाने, निजी जाँच केन्द्रों द्वारा पॉजिटिव पाये गये मरीजों की भी निगरानी किये जाने, शहरी क्षेत्र में भी मास्क का वितरण किये जाने, डीएमसीएच के स्वास्थ्य प्रबंधकों के लंबित वेतन का भुगतान किये जाने, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर का प्रयोग किये जाने, डीएमसीएच में मरीजों के अटेंडेंट के लिए खाना की व्यवस्था के लिए सामुदायिक किचन की व्यवस्था करवाने, कोरोना वार्ड में अटेंडेंट के प्रवेश पर रोक लगाना, ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से सेनेटाईजेशन करवाना, वार्ड प्रबंधन समिति के माध्यम से बाहर से आने वाले लोगों को तलाश करवाना, डाटा ऑपरेटर की संख्या बढ़ाना, पंचायत के हर वार्ड में टीकाकरण कराना, वार्डवार जाँच टीम भेजकर आइसोलेटेड मरीजों का पता लगाना, एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाना, डॉक्टर उपलब्ध कराना, कोरोना पॉजिटिव बहुल्य गाँव में सैंपल टेस्टिंग कराना, रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ के माध्यम से 500 बेड का अस्पताल खुलवाना, कोरोना मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रूपये का मुआवजा दिलवाना, प्रवासी मजदूरों को जल जीवन हरियाली, मनरेगा एवं अन्य सरकारी निर्माण कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराना, मानव संसाधन में वृद्धि करना, कोरोना पॉजिटिव होने वाले फ्रंटलाइन वर्कर, हेल्थ वर्कर के लिए भी बेड सुरक्षित रखना, अस्पतालों में ईलाज की व्यवस्था में विस्तार करना शामिल हैं।
मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि ऐसा देखा जा रहा है कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े हुए चिकित्सक, नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ गलत रिपोर्ट देकर होम क्वारंटाइन हो जा रहे हैं, ऐसे लोगों की जाँच करायी जानी चाहिए। कोरोना पॉजिटिव के शरीर में 4 दिनों में एन्टीबॉडी बन जाता है, यदि उनके शरीर में एन्टीबॉडी नही बना है, तो इसका मतलब है कि उनको कोरोना नहीं हुआ है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि उनको सही सबक मिल सकें।
उन्होंने कहा कि कोविड मरीज को पटना रेफर न करें, बल्कि दरभंगा में ही ईलाज करें, क्योंकि जो ईलाज पटना में किया जाता है, वही ईलाज दरभंगा में भी किया जाता है। ऐसा देखा जा रहा है कि अस्पताल अपने जिम्मेवारी से बचने के लिए मरीज को पटना रेफर कर दे रहे हैं।
सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना की गयी और कहा कि डीएमसीएच तथा जिले के स्वास्थ्य व्यवस्था की अच्छी तरह से निगरानी एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को धन्यवाद दिया।
बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी सदस्यों की एक ही चिंता है कि कोरोना के संक्रमण पर कैसे काबू पाया जा सके और इस जंग को कैसे जीता जा सके। दरभंगा के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन सहित पूरा जिला प्रशासन इस लड़ाई में लगा हुआ है। इस कोविड की लड़ाई में विगत वर्ष से अबतक अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहूती दी है, हम उन सबों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं।
उन्होंने कहा कि सबों की यही सोच है कि कोरोना मरीजों के बेहतर ईलाज के लिए डीएमसीएच को दुरूस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि 10 केवी से अधिक का ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर क्रय करने हेतु पंचायत समिति एवं जिला परिषद् के साथ जिला प्रशासन द्वारा एक बैठक कर ली जाए और उनकी निधि से जिले के लिए 200 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर क्रय कर लिया जाए। 10 किलो वाला कंस्ट्रेटर SP02 90 से कम रहने पर भी कार्य करेगा और ऑक्सीजन की कोई समस्या नहीं रहेंगी।
उन्होंने कहा कि मरीजों का सीटी स्कैन होने पर संक्रमण के वास्तविक स्थिति का पता चलता है, इसलिए गंभीर मरीजों का सीटी स्कैन होना आवश्यक है। जिला में टीकाकरण कराया जा रहा है। भारत सरकार से जैसे-जैसे टीका प्राप्त होगा, वैसे-वैसे टीकाकरण कराया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि 45 वर्ष से ऊपर वाले टीका का दूसरा डोज जरूर ले लें। सभी विधायक अपनी निधि से एम्बुलेंस और नाव क्रय कर अपने क्षेत्र के लिए देने की कृपा करें। इससे सभी जगह एम्बुलेंस उपलब्ध हो जाएगा। मनरेगा के तहत 2600 नये परिवारों को जोड़ा गया है तथा 700 प्रवासी मजदूरों को काम दिया गया है। वार्ड प्रबंधन समिति बाहर से आने वालों की तुरंत सूचना उपलब्ध करावें। इसके साथ ही एक टीम बनायी जा रही है, जो घर-घर जाकर 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग एवं बच्चे बीमार है, तो उसकी स्थिति का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई कोरोना पॉजिटिव है, तो वहीं दवा की कीट्स उन्हें उपलब्ध करा देना है।
कोरोना के संकट से उबरने के लिए मास्क का प्रयोग निहायत जरूरी है और बिहार में 14 करोड़ मास्क का वितरण किया जाना है, जो जीविका एवं खाद्यी ग्राम उद्योग से क्रय किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेनेटाईजेशन का काम तेजी से कराया जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव मृतक के परिजन को दाह-संस्कार के लिए पीपीई किट्स उपलब्ध कराया जाए। मृतकों का दाह-संस्कार का कार्य सरकार की ओर से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों के लिए व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाया जाना है, जिसकी गंभीरता से पहल की जा रही है।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक बाबू राम, उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सिविल सर्जन डॉ संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के उपरांत प्रभारी मंत्री ने दरभंगा के सांसद, नगर विधायक एवं जिला पदाधिकारी के साथ डीएमसीएच का भ्रमण कर वहाँ के ईलाज की व्यवस्था का जायजा लिया तथा डीएमसीएच के सभागार में बैठक कर डीएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक को डीएमसीएच के बचे हुए भेंडिलेटर व एक्स-रे मशीन को चालू करने, साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसके उपरांत वे डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड तक भ्रमण कर डीएमसीएच की व्यवस्था का मुआयना किया।

