Home Featured गृह मंत्रालय के एनआईडीएम द्वारा संचालित एकदिवसीय वेबीनार में डीएम भी हुए शामिल।
Featured - मुख्य - June 24, 2021

गृह मंत्रालय के एनआईडीएम द्वारा संचालित एकदिवसीय वेबीनार में डीएम भी हुए शामिल।

दरभंगा: गुरुवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर भूगोल विभाग में “व्यापक आपदा प्रबंधन” विषय पर एन.आई.डी.एम, गृह मंत्रालय द्वारा संयोजन में संचालित एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन हुआ।
जिसमे भूगोल विभाग के शिक्षकों सहित 570 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कर भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एन.आई.डी.एम के प्रोफेसर शेखर चतुर्वेदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा व्यापक आपदा प्रबंधन की भूमिका पर चर्चा की। शुरुआत में समन्वयक डॉ. मनु राज शर्मा ने आपदा प्रबंधन के विषय में प्रकाश डाला तथा सभी प्रतिभागियों को इसके महत्व, उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका तथा प्रधानमंत्री के आपदा संबंधी 10 बिंदु एजेंडे पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।

अतिथि वक्ता के रूप में दरभंगा के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. ने आपदा प्रबंधन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका एवं संस्थागत संरचना, सामुदायिक भागीदारी तथा किसान, फसल योजनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष बाढ़ के दौरान किस प्रकार दरभंगा के 6,28,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को डायरेक्ट फंड ट्रांसफर के द्वारा कम से कम समय में लाभान्वित किया गया।

उद्घाटन भाषण में मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने छात्रों की भारी संख्या में सहभागिता पर हर्ष व्यक्त किया तथा विभाग की प्रशंसा की। प्रति-कुलपति प्रो. डोली सिन्हा ने अपने संदेश द्वारा इस राष्ट्रीय सेमिनार के आयोजन के लिए विभाग की सराहना की।

तकनीकी अधिवेशन में विक्रम गुर्जर ने ह्योगो फ्रेमवर्क, एजेंडा 2030, जे.सी. पंत कमेटी तथा प्रधानमंत्री द्वारा गठित परामर्श कमेटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। दूसरे तकनीकी अधिवेशन में एन.डी.आर.एफ के युवा प्रोफेशनलअरुण वर्मा ने कुर्ला से संबंधित तथ्यों तथा बचाव पर व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न आपदा के भेद्यता एवं जोखिम का चित्रण कर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

कार्यक्रम के समापन पर विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया तथा भविष्य में एन.आई.डी.एम के संग दो दिवसीय कार्यशाला में रुचि दिखाई। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनुरंजन तथा डॉ. गौरव सिक्का की विशेष रुप से सहभागिता रही।

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