Home Featured खबर प्रसारित होने पर नींद से जागा बाल संरक्षण इकाई, नवजात के रेस्क्यू केलिए एसएसपी को लिखा पत्र।
Featured - मुख्य - June 26, 2021

खबर प्रसारित होने पर नींद से जागा बाल संरक्षण इकाई, नवजात के रेस्क्यू केलिए एसएसपी को लिखा पत्र।

दरभंगा: यूं तो जिले में बाल संरक्षण की योजनाएं हाथी का दांत बन कर रह गयी है, पर कभी कभी बहुत ज्यादा दवाब बनने पर कुछ कागजी कारवाई भी करती नजर आ जाती है। हालांकि ऐसा शायद ही देखा गया हो कि बाल संरक्षण से सम्बंधित किसी गम्भीर मामले में भी जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी क्षेत्र में नजर आए हों। जनजागरूकता के कार्य भी कागजो में ही सिमटे नजर आते हैं।
फिलहाल नवजात से सम्बंधित एक गम्भीर मामले की खबर कुछ समाचार माध्यमों में प्रमुखता से प्रसारित होने के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई कुम्भकर्णी नींद से जागता नजर आया है।
दरअसल, जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक नेहा नूपुर ने एसएसपी से बहेड़ी थाना अंतर्गत नवजात परित्यक्त बच्ची को मुक्त कराने हेतु अनुरोध किया है। उन्होंने एसएसपी को प्रेषित पत्र में कहा है कि महुआ मइन गांव में एक परिवार द्वारा एक नवजात परित्यक्त बच्ची को गैरकानूनी तरीके से अपने संरक्षण में रख लिया गया है जिसे बहेड़ी थाना पुलिस के माध्यम से रेस्क्यू कराते हुए बाल कल्याण समिति, दरभंगा के समक्ष उपस्थित कराया जाए।
बता दें कि वॉयस ऑफ दरभंगा ने भी इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद सहायक निदेशक ,जिला बाल संरक्षण इकाई के संज्ञान में आते ही उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी से नवजात परित्यक्त बच्ची को मुक्त कराने हेतु अनुरोध पत्र लिखा है।
घटना के संबंध में चाइल्ड लाइन का कहना है कि।बहेड़ी थानान्तर्गत महुआ मईन गाँव के नि:सन्तान दम्पति मिथिलेश मुखिया एवं उषा देवी द्वारा गत सोमवार को स्थानीय चौक के समीप सड़क से एक परित्यक्त नवजात को अवैध रूप से गोद लिया गया, जिसकी सूचना मिलने पर मंगलवार को स्थानीय चाइल्डलाइन एवं पुलिस द्वारा उन्हें कानूनी रूप से नवजात को गोद लेने की प्रक्रिया समझायी गयी। उन्हें बताया गया कि विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा बच्चे को लेने हेतु बच्चे को बाल कल्याण समिति में उपस्थापन कराकर उसे विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में भेजा जाना आवश्यक होता है। निःसंतान दम्पति को इस प्रक्रिया को अपनाने की बात कही गई। जिसका नि:संतान परिवार के साथ आसपास के दर्जनों लोग विरोध करने लगे। भीड़ की दलील के कारण मामले की उग्रता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और चाइल्डलाइन के लोग वापस लौट गए।
तत्पश्चात गत बुधवार को चाइल्डलाइन के नोडल सह जिला समन्वयक रवींद्र कुमार की अध्यक्षता एवं केन्द्र समन्वयक आराधना कुमारी के संचालन में चाइल्डलाइन जिला केंद्र कार्यालय में विशेष आपातकालीन बैठक भी आयोजित हुई थी।

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