
एलएनएमयू के स्थापना की 100वीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने को लेकर कुलपति ने की बैठक।
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्विद्यालय की स्थापना के 50वें वर्ष पूरे होने एवं स्व. ललित नारायण मिश्र की सौवीं जयंती को ऐतिहासिक बनाने के लिए कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कोर कमेटी की बैठक हुई। अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि पांच अगस्त, 2021 को विश्वविद्यालय की स्थापना के 49 वर्ष पूरे हो जाएंगे और इसी दिन यह 50वें वर्ष में प्रवेश कर जाएगा।
इस अवसर पर गोल्डन जुबली वर्ष का आरंभ होगा जो पूरे वर्ष चलता रहेगा। इस दिन से दो प्रकार के विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। अकादमिक कार्य के अंतर्गत वर्षभर समसामयिक एवं उच्च कोटि के अकादमिक विषयों पर देश-विदेश के विद्वान वक्ताओं को आमंत्रित कर व्याख्यान कराया जाएगा और उनके व्याख्यान को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।
सांस्कृतिक और अकादमिक उन्नयन के कार्य तो चलते ही रहेंगे, साथ ही इस अवसर पर तालाबों का सौंदर्यीकरण, गोल्डन जुबली शताब्दी पार्क की स्थापना एवं इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रतीक चिह्न का निर्माण एवं डाक टिकट निकालने की व्यवस्था सम्मिलित है। इतना ही नहीं, इस अवसर पर स्मारिका का प्रकाशन एवं कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन भी सम्मिलित है। कुलपति ने उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलाधिपति सह राज्यपाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्री को आमंत्रित करने की बात कही।
प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर पांच सौ पौधों को लगाया जाए एवं विश्वविद्यालय का अपना फ्लैग भी बनाया जाए। साथ ही पांच से सात मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी बनायी जाए जो विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक और गौरवमयी परंपरा को रेखांकित करता हो। आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित पूर्व विधान पार्षद प्रो. दिलीप चौधरी ने कहा कि स्थापना दिवस समारोह ऐतिहासिक हो इसके लिए राज्य सरकार से आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।
कोर कमेटी के सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्थापना दिवस समारोह के लिए पांच सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का गठन किया जिसमें प्रतिकुलपति अध्यक्ष एवं विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. विमलेंदु शेखर झा, प्रो. अजय नाथ झा, प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह काव्या एवं डॉ. सोनी सिंह सदस्य होंगी। यह कार्यकारिणी समिति कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर अंतिम रूप प्रदान करेगी। कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने हुए कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय की स्थापना काल से लेकर अब तक इसकी गौरवमयी परंपरा रही है। अत: इस स्थापना दिवस में इसकी झलक दिखाई पड़नी चाहिए।
इसके लिए हम सबों को सामूहिक प्रयास करना होगा। बैठक में प्रो. विमलेंदु शेखर झा, प्रो. अरुण कुमार सिंह, डीडीई के निदेशक प्रो. अशोक कुमार मेहता, अवनी रंजन सिंह, डॉ. सोनी सिंह, कुलानुशासक प्रो. अजय नाथ झा, छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार यादव व एनएसएस समन्वयक डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता उपस्थित थे।

