Home Featured मिथिला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह का कुलाधिपति ने किया उद्घाटन।
Featured - मुख्य - August 5, 2021

मिथिला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह का कुलाधिपति ने किया उद्घाटन।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के 49वें स्थापना दिवस व स्वर्ण जयंती वर्ष के प्रवेश का राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान ने गुरुवार को ऑनलाइन उद्घाटन किया। अपने संबोधन में श्री चौहान ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सत्र 2021-22 में विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती और ललित बाबू की जन्मशती का सुखद संयोग है। उन्होंने कहा कि अपनी आधी सदी के सफर में विश्वविद्यालय शिक्षा प्रणाली एवं संकायों के अन्तर्गत उल्लेखनीय मानक स्थापित करने में सफल रहा है।

कुलाधिपति ने कोरोना काल में ऑनलाइन वर्गों के संचालन का विशेष रूप से उल्लेख किया। पांच सौ से अधिक इंटरेक्टिव वर्गों के संचालित होने और विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर चार हजार पाठ्य सामग्री के उपलब्ध होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने मिथिला में रेल, मिथिला चित्रकला, मैथिली भाषा और कोसी नहर योजना के प्रसंग में पूर्व रेल मंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र के योगदान को रेखांकित किया।

श्री चौहान ने कहा कि बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है, पर साक्षरता, स्वास्थ्य, सकल घरेलू उत्पाद आदि क्षेत्रों में हम राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे हैं। बिहार की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है, इसलिए हमें कृषि विकास के प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा।

मुख्य अतिथि बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने ऑनलाइन माध्यम से अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला विद्वानों की भूमि रही है। ऐसी महान भूमि में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय स्थापित है और इसी महान भूमि के सपूत हैं स्व. ललित नारायण मिश्र। श्री चौधरी ने अपने को विवि के स्थापना काल का छात्र बताया और कहा कि इसके विकास में सहयोग से उन्हें खुशी होगी। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों के चेहरे पर अध्यापन से संतुष्टि का भाव होना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने नैक से ससमय मूल्यांकन पर जोर दिया। श्री चौधरी ने ललित बाबू का स्मरण करते हुए कहा कि वे ज्योतिपुंज थे तथा स्नेहिल स्वभाव के थे। वे मिथिला के विकास के लिए समर्पित थे।

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