Home Featured 09 सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ द्वारा किया गया प्रदर्शन।
Featured - मुख्य - August 9, 2021

09 सूत्री मांगों को लेकर बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ द्वारा किया गया प्रदर्शन।

दरभंगा: सोमवार को बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिला शाखा दरभंगा द्वारा राज्य कर्मियों के समस्याओं के निदान को लेकर राज्य कमिटी के निर्णयानुसार दरभंगा के जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन कर बिहार के मुख्यमंत्री को संबोधित 09 सूत्री माँग पत्र जिला प्रशासन के प्रतिनियुक्त पदाधिकारी को सौंपा गया।
उन्होंने अपने मांग पत्र में राज्य सरकार से माँग किया है कि राज्य में ठेका, संविदा, मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को वेतनमान के साथ स्थायी किया जाय, नयी पेंशन समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू किया जाए, महंगाई भत्ता/महंगाई राहत बकाया के साथ भुगतान किया जाए, संवर्गीय प्रोन्नति पर से लगी रोक वापस लिया जाए, निम्नवर्गीय एवं उच्चवर्गीय लिपिक का अनुपात 60:40 तथा कार्यवधि 6 वर्ष किया जाय, कार्य विभाग के कार्यभारित अवधि की पेंशन में पूर्ण गणना किया जाए, हड़ताल अवधि को विनियमित किया जाए,रिक्त पदों पर बहाली किया जाए, 50 वर्ष के बाद जबरिया सेवानिवृत काला कानून वापस लिया जाए, पूर्व के समझौते को लागू किया जाए आदि माँग की गयी।

इस अवसर पर पोलो मैदान से प्रदर्शन प्रस्थान कर आयुक्त कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, समाहरणालय, लहेरियासराय टावर, बी.के रोड, लोहिया चौक होते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा।

दरभंगा जिला में जिला महासंघ के अध्यक्ष शांति देवी की अध्यक्षता में रैली आयोजित किया गया।
रैली को संबोधित करते हुए जिला महासंघ के जिला मंत्री फूल कुमार झा ने कहा कि राज्य सरकार अपने सरकारी सेवको के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बाध्य होकर राज्य कमेटी ने 09 सूत्री मांग के पूर्ति के लिए आज क्रांति दिवस के अवसर पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
ठेका संविदा मानदेय पर कार्य करने वाले साथियों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दिया जा रहा है, 23 मई 2017 को मंत्रिपरिषद के निर्णय अनुसार निम्न वर्गीय एवं उच्च वर्गीय लिपिक का अनुपात संबंधी आदेश निर्गत नहीं किया जा रहा है कार्य विभाग में तो और अंधेर है कार्यभारित अवधि को 5 वर्ष के बदले पेंशन में 1 वर्ष की मान्यता दी जाती है, रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं कर नौजवानों को संविदा ठेका पर बहाल कर श्रम का शोषण किया जा रहा है केंद्र सरकार दो कदम आगे बढ़कर सभी सार्वजनिक संपत्ति को कौड़ी के भाव बेच रहे हैं नरेंद्र मोदी की सरकार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के समक्ष नतमस्तक हो गए हैं जिनके खिलाफ सम्पूर्ण देश में मजदूर वर्ग संघर्ष कर रहे  है।

सभा को कर्मचारी नेता साथी ताराकांत पाठक, अरविन्द कुमार राय, सुरेन्द्र कुमार झा, अनिता देवी, राज नारायण झा, राजदेव यादव, तेजनारायण यादव, अश्वनी कुमार झा, सीताराम पासवान, दुर्गा शंकर झा, शम्भू नाथ झा, गोपाल साह आदि ने सम्बोधित करते हुए हक की रक्षा करने के लिये संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया।

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