
किसान काउंसिल, खेतिहर मजदूर यूनियन व सीटू के आह्वान पर किसान-मजदूरों ने किया प्रदर्शन।
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दरभंगा: दरभंगा जिला किसान काउंसिल, दरभंगा जिला खेतिहर मजदूर यूनियन व सीटू के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को कलेक्ट्रेट के पास बड़ी संख्या में किसान-मजदूरों ने प्रदर्शन किया। दरभंगा जिला किसान काउंसिल के उपाध्यक्ष राम अनुज यादव, खेतिहर मजदूर यूनियन जिला संयोजक दिलीप भगत एवं सीटू संयोजक हर्ष नारायण झा की अध्यक्षता में सभा हुई।
बिहार राज्य किसान काउंसिल राज्य अध्यक्ष ललन चौधरी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार मौजूदा समय में किसान विरोधी, श्रमिक विरोधी, जन विरोधी नीतियों के जरिए देश को गुलाम बनाने पर लगी हुई है। नोटबंदी से तबाही, अनियोजित लॉकडाउन से लाखों श्रमिकों की छंटनी, कोरोना से जुड़े इंतजामों में सरकारी विफलता के कारण करोड़ों किसान-मजदूर व श्रमिक तबाह हुए हैं।
खेतिहर मजदूर यूनियन के वरिष्ठ नेता अविनाश ठाकुर मंटू ने मनरेगा के तहत हर जरूरतमंद को दो सौ दिन काम सुनिश्चित करने, इस कानून को शहरी तथा ग्रामीण इलाके में लागू करने, सभी असंगठित मजदूरों खेत मजदूरों को तत्काल छह महीने तक 10 हजार रुपये प्रतिमाह निर्वाह भत्ता और मुफ्त राशन सुनिश्चित करने की मांग की।
दरभंगा जिला किसान काउंसिल सह बिहार राज्य किसान काउंसिल के संयुक्त सचिव श्याम भारती ने तीन कृषि
कानून वापस लेने, एमएसपी की गारंटी देने वाला कानून बनाने, बाढ़- सुखाड़ का स्थाई निदान करने, किसानों को फसल क्षति अनुदान अविलंब देने, सकरी, रैयाम, लोहट, अशोक पेपर मिल चालू करने की मांग की।
सभा को सीटू नेता दिनेश झा, दरभंगा किसान काउंसिल संयुक्त सचिव राम सागर पासवान, महेश दुबे, वरिष्ठ किसान नेता रामधनी झा, रघुनाथ झा, सुधीर पासवान, शिवनंदन यादव, सुबोध चौधरी, सीटू नेता राजदीप राम, एसएफआई जिला संयोजक नीरज कुमार, जनवादी नौजवान सभा जिला संयोजक गोपाल ठाकुर, जनवादी महिला समिति जिला अध्यक्ष सुशीला देवी सहित कई लोगों ने संबोधित किया।

