
बोरा बेच शिक्षकों ने जताया विरोध।
दरभंगा: मध्याह्न भोजन के खाद्यान्न का बोरा बेचकर उसकी राशि जमा करने तथा इसका विरोध करने वाले कटिहार के शिक्षक मो. तमीजुद्दीन के निलंबन को वापस लेने के लिए प्रारंभिक शिक्षक ने अब आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को दर्जनों शिक्षकों ने बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर स्थानीय कर्पूरी चौक पर बोरा बेचो कार्यक्रम के तहत बोरा का स्टाल लगाकर आदेश के प्रति विरोध दर्ज कराया।
आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष शम्भू यादव ने किया। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ढोल पीट रही है तो दूसरी ओर शिक्षकों को खाली बोरा बेचने के लिए बाध्यकारी आदेश निकालकर उन्हें जलील
कर रही है। विभाग विभिन्न प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यो में उलझाए रखता है और समाज में उसे बदनाम करता है। कटिहार के शिक्षक मो. तमीजुद्दीन जब सड़को पर बोरा बेचने के सरकारी आदेश का पालन कर रहे थे तो अपनी नाकामी को छिपाने के लिए आनन-फानन में उन्हें निलंबित कर दिया गया। सरकार के इस तुगलकी फरमान से शिक्षकों में काफी आक्रोश है। हम सरकार से मांग करते है कि अविलंब मो तजीमुद्दीन का निलंबन वापस करते हुए बोरा बेचने का आदेश वापस ले और दोषी पदाधिकारियों पर कार्रवाई करे। शिक्षकों के बकाया भुगतान एवं एक अप्रैल से प्रस्तावित 15 प्रतिशत की वेतन वृद्धि के निर्णय को अविलम्ब लागू करे । अन्यथा संघ चुप नही बैठेगा एवं अपनी लड़ाई को और तेज करेगा।
मौके पर महासंघ गोपगुट के जिला संयोजक नन्दन कुमार सिंह, संघ के प्रधान सचिव कमरे आलम, अनिल कुमार, मनोज कुमार, रंजीत कुमार, हरेकृष्ण शर्मा, पीर मोहम्मद, विद्यानन्द ठाकुर, मो कैश खान, राजीव कुमार, मो शमशेर आलम, अजय कुमार मिश्रा, शोभाकांत शर्मा, मो अलाउद्दीन, मो एकराम हैदर, मनोज कुमार ठाकुर, प्रमोद कुमार, राममन्दन मोची, दिनेश पासवान , अजय कुमार यादव, संजीत कुमार राय, जावेद अहमद, महेश यादव, वीरेंद्र कुमार, नंद किशोर लाल देव, संजीव चौपाल, अरुण यादव, संजय कुमार, मनोज कुमार ठाकुर, राजीव रंजन, मिथिलेश पासवान, देवेंद्र यादव आदि ने भी संबोधित किया ।

