
बाढ़ एवं चुनाव के कारण नही प्रभावित होना चाहिए टीकाकरण, पूर्व से कर लें तैयारी: डीएम।
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दरभंगा: समाहरणालय अवस्थित अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम की अध्यक्षता में कोविड-19 की जाँच एवं टीकाकरण अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गयी।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 की जाँच के लिए जिले का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। वर्तमान लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन 6500 से 7000 लोगों का कोविड जाँच करनी है। पूर्व में प्रतिदिन 4500 लोगों का कोविड जाँच की जाती थी। साथ ही की गयी कोविड-जाँच की डाटा इन्ट्री भी उसी दिन होनी चाहिए, नही तो फर्जीवारा का संदेह उत्पन्न होता है, जो असह्य होगा।
उन्होंने कहा कि इस तथ्य पर सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ध्यान देंगे कि कोविड जाँच की किट्स बहुत मँहगी होती है, इसलिए एक भी किट्स कहीं बर्बाद नहीं होनी चाहिए न ही कहीं गिरा हुआ पाया जाना चाहिए। ऐसा पाये जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण अभियान की सफलता के लिए सितम्बर महीने में बिहार को डेढ़ करोड़ टीका प्राप्त होने वाला है। इस तरह दरभंगा जिला को 6 से 7 लाख डोज प्राप्त होगा। इसके अनुसार प्रतिदिन 20 से 23 हजार टीकाकरण करना होगा और इसके लिए अभी से कार्य योजना बना ली जाए।
तीसरी लहर से बचने के लिए कोविड टीकाकरण अति महत्वपूर्ण है। प्राप्त होनेवाले टीका में 40 प्रतिशत टीका दूसरे डोज के लिए मिलेगा। इसलिए दूसरे डोज वाले को भी कन्ट्रोल रूम से कॉल करना होगा। साथ ही आशा या जीविका को देय सूची देनी होगी तथा द्वितीय डोज वालों के लिए अलग टीकाकरण केन्द्र भी बनाना होगा। यद्यपि इन केन्द्रों पर प्रथम डोज के लिए कोई आ जाये तो उसे भी मना नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा कि सितम्बर में बाढ़ एवं चुनाव के कार्य भी होंगे, लेकिन किसी भी परिस्थिति में टीकाकरण के कार्य में रूकावट नहीं होनी चाहिए।
05 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी सरकारी एवं निजी शिक्षकों का शत्-प्रतिशत् टीकाकरण किया जाना है। यह राष्ट्रीय अभियान है। इसलिए सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों से वार्ता कर लें। जिला स्तर पर भी निजी स्कूल के संगठन के साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी बैठक कर लें। 05 सितम्बर को शिक्षकों के लिए अलग टीकाकरण केन्द्र बनाया जाएगा। उन टीकाकरण केन्द्रों पर अन्य व्यक्ति के आ जाने पर उसे भी टीका दिया जाएगा। इसके साथ ही हेल्थ केयर वर्कर एवं फ्रंट लाइन वर्कर का शत्-प्रतिशत् टीकाकरण करा लिया जाए। साथ ही टीकाकरण के दिन ही उनकी प्रविष्टि भी CoWin पोर्टल पर हो जानी चाहिए।
सदर प्रखण्ड में कोविड टीकाकरण की बहुत सारी प्रविष्टि लंबित रहने के कारण प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक का वेतन स्थगित करते हुए कारण पृच्छा की गयी है। CoWin पोर्टल पर प्रविष्टि को अद्यतन करने के लिए अतिरिक्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों की व्यवस्था 451 रूपये दैनिक मानेदय की दर पर करने का निर्देश डीपीएम (हेल्थ) को दिया गया और ऑपरेटरों को प्रत्येक प्रखण्ड की आवश्यकतानुसार प्रखण्डों को उपलब्ध करने को कहा गया है।
द्वितीय डोज का टीका लेने के लिए 40 लाभुकों को प्रोत्साहित करने हेतु 200 रूपये प्रेरक को प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा। जिलाधिकारी ने प्रेरक के लिए जीविका दीदी को रखने का निर्देश दिया।
कोविड-19 के मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि के भुगतान की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 125 मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि प्रदान किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ने सदर, बहादुरपुर, हायाघाट, बेनीपुर एवं जाले प्रखण्ड के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को अंचलाधिकारी के साथ बैठकर शेष मृतकों के आश्रितों को चिन्ह्ति करते हुए शीघ्र ही मुआवजा राशि का भुगतान करा देने के निर्देश दिया।
गौरतलब है कि जिन प्रखण्डों में कोविड मृतकों के ज्यादातर आश्रितों का अनुदान भुगतान लंबित है उनमें सदर प्रखण्ड के 38, बहादुरपुर प्रखण्ड के 24, एवं हायाघाट प्रखण्ड के 7, जाले प्रखण्ड के 6, बेनीपुर प्रखण्ड के 4 तथा तारडीह प्रखण्ड के 2
कोविड मृतक के आश्रितों का भुगतान लंबित है।
बैठक में बताया गया कि जिले में प्रत्येक चौथे शनिवार को टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य कैम्प का भी आयोजन टीकाकरण केन्द्र पर किया जाना है। इसलिए इसकी भी व्यवस्था कर ली जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ अमरेन्द्र कुमार मिश्र, उप निदेश जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, जिला आपदा प्रभारी सत्यम सहाय, डीपीएम हेल्थ विशाल कुमार, यूनिसेफ के शशिकान्त सिंह, केयर इण्डिया की जिला समन्वयक श्रीमती श्रद्धा झा एवं संबंधित पदाधिकारीगण उपस्थित थे। वहीं सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ऑनलाईन जुड़े हुए थे।

