Home Featured निजी खर्चे से जेसीबी मंगवाकर एक समाजसेवी ने सांसद के आवासीय मुहल्ले से करवाया जलनिकासी।
Featured - मुख्य - August 27, 2021

निजी खर्चे से जेसीबी मंगवाकर एक समाजसेवी ने सांसद के आवासीय मुहल्ले से करवाया जलनिकासी।

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दरभंगा: चुनाव के दौरान एक-एक वोट के जुगाड़ को लेकर जिसतरह की सक्रियता व बैचैनी जनप्रतिनिधियों में होती है, उसका छटाक भर हिस्सा भी यदि अपने वोटरों के दर्द को समझने व उसे दूर करने में लगा दें तो आम जनता ऐसे जनप्रतिनिधियों की आभारी हो जाती है। लेकिन चुनाव परिणाम अपने पक्ष में आने के साथ ही जनसमस्याओं से दूर भागना अब जनप्रतिनिधियों का पहला वसूल सा बन गया है। शहर का विकास हो या न हो, खुद माननीय बन सत्तासुख लेने व दो का चार बनाने में लग जाते हैं। ये कहना गलत नही होगा कि हर बार जनता ठगी की ठगी ही रह जाती है।

वैसे तो कुछेक जगहों को छोड़ पूरा शहर ही जलजमाव की चपेट में है। बारिश के मौसम में मीडिया में ये मुद्दा प्रमुखता से दिखायी भी जाता है। लेकिन शासन हो या प्रशासन, इन मुद्दों को तबज्जो देने के बजाय खानापूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री समझ लेते है।खैर आज हम चर्चा कर रहे हैं दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर के शहरी आवासीय क्षेत्र वार्ड नं 45 का। शहरी क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नं 45 के कीर्तन भवन पथ में प्रायः प्रत्येक बरसात में जलजमाव की समस्या को लेकर स्थानीय लोग नारकीय जीवन जी रहे थे। स्मार्ट सिटी बनने का सपना देख रहे स्थानीय लोगों ने अपने अपने स्तर से प्रायः सभी जनप्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटाया लेकिन किसी ने सुधि नही ली। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोगों का आना जाना होता है। स्वयं सांसद भी दरभंगा प्रवास के दौरान अपने आवास आने जाने के क्रम में जलजमाव की इस समस्या से रूबरू होते रहे हैं, लेकिन माननीय का क्या, उनके लिए देश की समस्या सर्वोपरि है। गली-मोहल्ले की समस्या के समाधान के लिए किसी अधिकारी को फोन करना पड़े तो उनकी इज्जत शायद छोटी जो हो जाएगी।

अन्ततः शुक्रवार को गोविंदपुर निवासी युवा समाजसेवी रणधीर कुमार चौधरी ‘टुल्लू’ ने अपने सहयोगियों के साथ जेसीबी की मदद से एक अस्थायी नाला चिरवाकर जलनिकासी करवाया। इससे राह चलती महिलाओं, बुजुर्गों व स्कूली बच्चों को विशेष राहत मिली है। उबड़-खाबड़ सड़क होने के कारण दो पहिया वाहन चालक, रिक्शा चालक व ठेला चालकों को जलजमाव होने के कारण गढ्ढों का पता ही नही चलता था। परिणामस्वरूप दुर्घटनाओं का सिलसिला चलता रहता था।

स्थानीय लोगों का कहना था कि चूंकि जलजमाव वाले सड़क किनारे दो-दो ट्रांसफार्मर लगे हैं इसलिए कभी भी पानी में करेंट आने की आशंका थी। फिलहाल इसका अस्थायी समाधान तो हो गया है, लेकिन नगर निगम द्वारा पक्का नाला निर्माण कर स्थायी समाधान करने की जरूरत है।

जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर मौके पर मनोरंजन वर्मा ‘चुटुस’, गोपाल चौधरी, श्याम पासवान, सुशील पासवान आदि मुस्तैद थे।

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