
उद्यमी विकास कार्यक्रम का सप्ताहिक प्रशिक्षण सम्पन्न।
दरभंगा: उद्यमिता विकास कार्यक्रम एक ऐसा कार्यक्रम है जो लोगों के बीच उद्यमशीलता की क्षमताओं को विकसित करता है। उद्यमिता विकास कार्यक्रम की अवधारणाओं में उद्यम को शुरू करने और चलाने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान के साथ एक व्यक्ति को संपूर्ण करना है।
ये बातें मिथिला लोक मंथन कार्यालय में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संपोषित व मिथिला लोक मंथन द्वारा आयोजित उद्यमी विकास कार्यक्रम के समापन के मौके पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक रमाशंकर शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास कार्यक्रम मुख्य रूप से उन पहली पीढ़ी के उद्यमियों को विकसित करने के लिए है जो अपने दम पर सफल उद्यमी नहीं बन सकते हैं। इसमें तीन प्रमुख चरण शामिल हैं- स्थान, लक्ष्य समूह और उद्यम।
इनमें से कोई भी ईडीपी शुरू करने और लागू करने के लिए फोकस या शुरुआती बिंदु बन सकता है। सेंट्रल बैंक के अधिकारी मनीष गुप्ता ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नियमित समय पर अपने क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम का आयोजन करती रहती है। इस कड़ी में मिथिला लोक मंथन कार्यालय पर यहां के व्यवस्थापकों के सकारात्मक व्यवहार और सहयोग से उद्यमी विकास कार्यक्रम का सप्ताहिक प्रशिक्षण आज समाप्त हुआ है। मिथिला लोक मंथन के संयोजक डॉ. कन्हैया चौधरी ने सेंट्रल बैंक के अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि निश्चित ही इस प्रकार के कार्यक्रम से युवाओं को कई लाभ प्राप्त होंगे, जिससे वे भविष्य में स्वावलंबी बन अपने परिवार, समाज और राष्ट्र को प्रगति के मार्ग पर अग्रसर करेंगे। समापन के अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को सहभागिता प्रमाणपत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मणिकांत ठाकुर व धन्यवाद ज्ञापन पिंटू भंडारी ने किया। इस अवसर पर मुकेश कुमार झा, पूजा कुमारी, दामिनी गुप्ता, निशा सहित कई युवा उपस्थित थे।

