
दत्तचित्त होकर कार्य करने से ही मिल सकती है सफलता : एसपी सिंह।
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय जुबली हाल में मंगलवार को पासिब्लर्स के सह संस्थापक सुरेश मोहन सेमवाल का व्यक्ति की सफलता पर जिम्मेदारी का प्रभाव विषय पर आनलाइन व्याख्यान आयोजित किया गया। दरभंगा के प्रसिद्ध चिकित्सक डा. एके गुप्ता ने सेमवाल का परिचय देते हुए कहा कि ये चर्चित प्रेरक वक्ता हैं। इनके साढ़े चार हजार के लगभग प्रेरणास्पद व्याख्यान हो चुके हैं। डा. गुप्ता ने कहा कि प्रेरक व्याख्यान सफलता के प्रसंग में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की 50 वर्षो की यात्रा को यादगार बनाने के लिए यह प्रेरणास्पद आयोजन किया गया है। कहा कि मन की ताकत बड़ी ताकत होती है। सुनने और कहने से कुछ नहीं होता, दत्तचित्त होकर कार्य करने से ही सफलता मिल सकती है।
मुख्य वक्ता पासिब्लर्स के सह-संस्थापक सुरेश मोहन सेमवाल ने कहा कि मोटीवेशन की किताबें खूब बिकती हैं,लोग पढ़ते हैं,पर अमल नहीं करते। कहा कि भारतीय काम पहले करते हैं फिर सोचते हैं, लेकिन जापानी पहले सोचते हैं, फिर तेजी से कम करते हैं। भारत में ज्ञान की गंगा बहती है। लेकिन अमल नहीं होती है। लोग बाबा रामदेव का योगाभ्यास देखते हैं। अभ्यास महत्वपूर्ण होता है। इसी से सफलता मिलती है। हम जिम्मेदारी देना चाहते हैं,लेना नहीं चाहते हैं।
कहा कि हम सभी काम नहीं कर सकते लेकिन कुछ न कुछ तो कर सकते हैं,और नहीं तो चुप रह सकते हैं। कहा कि इवेंट और रिस्पांसिबिलिटी के योग से ही फलागम होता है।
जिम्मेदारी एक एहसास है, व्यवहार है। यह भूत की चीज नहीं है। इसका सरोकार वर्तमान और भविष्य से है। दर्शक, शिकार ग्रस्त व खलनायक मानसिकता से उबरकर विजयी मानसिकता से ही जिम्मेदारियों का सम्यक निर्वहन हो सकता है। हमें प्लेजर नही ज्वाय के लिए प्रयत्नशील होना चाहिए। धन्यवाद ज्ञापित कुलसचिव प्रो .मुश्ताक अहमद ने किया। कार्यक्रम का संयोजन कुलानुशासक डा. अजय नाथ झा ने किया। जबकि संचालन उप खेल पदाधिकारी डा. अमृत कुमार झा ने किया।

