
शिक्षक दिवस पर संस्कृत विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मियों को किया गया सम्मानित।
दरभंगा: शिक्षक दिवस पर संस्कृत विश्वविद्यालय के बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रोवीसी प्रो0 सिद्धार्थ शंकर सिंह ने कहा कि व्यापक अर्थ में देखें तो माँ-पिता से लेकर इष्ट मित्र व शुभ चिंतक सभी के सभी शिक्षक ही हैं। सिर्फ स्कूल कॉलेज में पढ़ाने वाले ही शिक्षक नहीं होते। जो राष्ट्र धर्म, समाज धर्म, परिवार धर्म और शैक्षणिक धर्म के वाहक व पोषक हैं, वे सभी शिक्षक ही हैं। उन्होंने कहा कि सच मायने में कहें तो शिक्षक राष्ट्र के पुरोहित होते हैं। वे राष्ट्र को हर मोर्चें पर जागृत व मार्गदर्शन करने का काम करते हैं। सभी संस्थाओं को लोकतंत्र की रक्षा व मजबूती के लिए शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
उक्त जानकारी देते हुए उपकुलसचिव- प्रथम निशिकांत ने बताया कि इसी क्रम में प्रोवीसी प्रो0 सिंह ने स्वीकार किया कि इन दिनों बाजारवाद के कारण कुछ मामले में शिक्षकों की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। ऐसे में हम शिक्षकों को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उन्हें सोचना होगा कि वे बिकाऊ होना चाहते हैं या फिर टिकाऊ। कारण कि शिक्षक बिक सकते हैं लेकिन शिक्षा नहीं। शिक्षक का समाज मे सर्वोच्च स्थान है। सभी शिक्षकों को नमन करते हुए प्रोवीसी प्रो0 सिंह ने कहा कि वे देवता तुल्य होते हैं।
वहीं दूसरी ओर एफए कैलाश राम ने कहा कि शिक्षकों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। डीन प्रो0 सुरेश्वर झा ने कहा कि तत्कालीन विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2012 से सम्मान समारोह की अच्छी परंपरा की शुरुआत की थी जो अभी भी जारी है। उन्होंने शिक्षक, कर्मचारी व पदाधिकारी व छात्र के संयुक्त सहयोग से ही शैक्षणिक
वातावरण समृद्ध होने की वकालत की। डॉ सत्यवान कुमार के संचालन में सम्पन्न कार्यक्रम मे धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्रॉक्टर प्रो0 श्रीपति त्रिपाठी ने भी गुरु शिष्य परम्परा पर विशेष रूप से प्रकाश डाला।
शिक्षक दिवस के अवसर पर इस मौके पर कार्यरत शिक्षक प्रो0 दिलीप कुमार झा, एक सेवानिवृत्त शिक्षक सरिसावपही के डॉ सुरेश झा, शिक्षक पदाधिकारी उपकुलसचिव डॉ सुनील कुमार झा के अलावा पदाधिकारी के रूप में एफए कैलाश राम को प्रोवीसी प्रो0 सिंह ने पाग चादर व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसी तरह कर्मचारी कोटि से भी सेवानिवृत्त कर्मी उमेश प्रसाद सिंह देव व कार्यरत कर्मी विजय शंकर झा को भी प्रोवीसी ने सम्मानित किया। सम्मानित होनेवाले सभी लोगों ने भी अपने विचार रखे।इसी बीच सारी औपचारिकता को शिथिल करते हुए उन्होंने डीन प्रो0 सुरेश्वर झा एवम उपकुलसचिव -प्रथम सह पीआरओ निशिकांत को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे।

