
एम्स के शिलान्यास केलिए पोलो मैदान से कर्पूरी चौक पहुंचे एमएसयू के सैकड़ो सेनानी।
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दरभंगा: घोषणा के 6 वर्ष बाद भी दरभंगा एम्स का शिलान्यास तक नही होने के मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। इसको लेकर मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने एक अगस्त से ही ईंट संग्रह अभियान शुरू किया था, तथा सरकार को जगाने केलिए 8 सितंबर को सांकेतिक शिलान्यास की घोषणा की गयी थी।
इसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एमएसयू के कार्यकर्ता बुधवार को सुबह से ही लहेरियासराय के पोलो मैदान में जुटने लगे थे। कुदाल, टोकरी, फावड़ा आदि भी इक्कठा किया गया था। एमएसयू के पीले झंडे से पूरा मैदान पट गया था। सैकड़ों कार्यकर्ता पूरे उत्साह में दिख रहे थे।
मैदान में कार्यकर्ताओं के जुटने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज के नेतृत्व में कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ जुलूस के रूप में विदा हुए। यह जुलूस पोलो मैदान से लोहिया चौक एवं नाका 6 होते हुए कर्पूरी चौक पहुंचा,
जहां मेडिकल ग्राउंड में एम्स का शिलान्यास प्रस्तावित था। इस दौरान शिलान्यास पट भी कार्यकर्ताओं ने बनवा कर रखा हुआ था।
पोलो मैदान से रवानगी के समय एमएसयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज ने कहा कि दरभंगा एम्स की घोषणा के बाद घोषित हुए एम्स बन भी गये और चालू भी हो गए। यहां तक कि कोरोना काल मे भी अन्यत्र एम्स बना। पर घोषणा के 6 वर्ष बाद भी दरभंगा एम्स का शिलान्यास तक नही हुआ। इससे स्पष्ट है कि यह मिथिला विरोधी सरकार है और इस मिथिला विरोधी सरकार को जगाने केलिए यह सांकेतिक शिलान्यास का कार्यक्रम रखा गया है। यदि यह सरकार अब नहीं जागी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

