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Featured - मुख्य - September 8, 2021

मुख्यमंत्री ने की बाढ़ एवं राहत कार्य की समीक्षा, 05 अक्टूबर तक सचेत रहने के दिए निर्देश।

दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में बिहार के सभी जिलों की बाढ़/सुखाड़ की स्थिति की समीक्षा की गयी।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने बाढ़ व राहत कार्य की स्थिति को पावर प्वांइट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिहार में 03 चरणों में बाढ़ आयी।

प्रथम चरण 13 जून से 17 जून, द्वितीय चरण 01 से 07 जुलाई एवं तृतीय चरण 08 से 22 अगस्त 2021 तक विभिन्न नदियों में पानी बढ़ने के कारण उनके समीपवर्ती जिलों में बाढ़ आयी। कुल 25 जिले के 190 प्रखण्ड के 1298 पंचायत बाढ़ प्रभावित रहे। कुल – 16.60 लाख परिवार एवं 69.73 लाख जनसंख्या प्रभावित हुआ, 03 लाख 37 हजार लोक निष्क्रमित हुए। बाढ़ के कारण 53 मनुष्य एवं 83 पशु की मृत्यु हुई। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच बाढ़ सहाय्य अनुदान (जी.आर.) राशि का वितरण किया जा रहा है। अबतक 07 लाख 95 हजार 538 परिवारों के बीच 477 करोड़ 32 लाख रूपये का वितरण किया गया है। बाढ़ के कारण विभिन्न विभागों के कुल – 3763 करोड़ 85 लाख रूपये की क्षति हुई है। कृषि विभाग की क्षति का वास्तविक आकलन 30 सितम्बर के बाद ही किया जा सकेंगा।

कृषि विभाग के सचिव द्वारा पावर प्वांइट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बाढ़ के कारण हुए फसल क्षति को दर्शाया गया। उन्होंने बताया कि 217 प्रखण्डों के 2824 पंचायतों के 05 लाख 36 हजार 82 हेक्टेयर में फसल क्षति हुई है। इसका वास्तविक आकलन बाढ़ का पानी घटने के बाद ही किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से क्षेत्र का मुआयना करवाकर प्रतिवेदन को दुरूस्त करने का निर्देश दिये।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण संगठन विभाग के सचिव ने बताया कि बाढ़ के दौरान सूबे में 1636 नये चापाकल तथा 4804 नये शौचालय का निर्माण कराया गया है। कुल – 55 हजार 736 चापाकलों की मरम्मति करायी गयी है। 32 हजार 811 चापाकलों को संक्रमण रहित किया गया।

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशु शिविरों में 03 लाख 75 हजार 393 पशुओं को रखा गया। कुल – 94 हजार 10 पशुओं की चिकित्सा की गयी। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 11019.24 क्विंटल पशुचारा का वितरण करवाया गया।

जल संसाधन विभाग के सचिव ने बताया कि बाढ़ के दौरान मैथेमेटिकल मॉडल से इस बार बहुत लाभ हुआ है। बाढ़ एवम मौसम की स्थिति की जानकारी 03 दिन पहले ही जिलों एवं विभाग को उपलब्ध करा दी गयी। इससे समय पूर्व तैयारी की गई एवं संबंधित स्लूईस गेट को पहले से खोल कर रखा गया। प्रति किलोमीटर एक कि दर से 3148 भोलेंटियर बाँधों पर प्रतिनियुक्त किये गये। इससे बाढ़ की स्थिति की जानकारी में बहुत मदद मिली, 298 स्थलों पर बाढ़ निरोधक कार्य किये गये, जिसपर 1469 करोड़ रूपये की व्यय होने की संभावना है। इसके उपरान्त बारी-बारी से सभी जिलाधिकारी से उनके जिले का फीडबैक लिया गया।

मुख्यमंत्री ने 05 अक्टूबर तक सभी जिलाधिकारी को बाढ़ एवं भीषण वर्षा से सचेत रहने का निर्देश दिया। उन्होंने वर्ष 2017 की बाढ़ का स्मरण कराया, जो अक्टूबर महीने में पूर्वोंत्तर के 4 जिलों में आई थी। उन्होंने कहा कि खेत मे बाढ़ का पानी भर जाने के कारण यदि कोई किसान खेती नहीं कर सका है, तो उसे भी फसल क्षति का मुआवजा मिलना चाहिए।

दरभंगा से जिलाधिकारी डॉ0 त्यागराजन एसएम ने बताया कि फसल क्षति का अद्यतन प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है, यह बढ़कर 97 हजार हेक्टेयर हो गया है। बाढ़ के कारण 14 प्रखण्डों के 225 पंचायतों में फसल की क्षति हुई है। जबकि वास्तविक आकलन सितम्बर महीने के उपरान्त बाढ़ का पानी समाप्त होने के उपरान्त ही किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि कुशेश्वरस्थान के केवटगामा में संक्रमण की बीमारी से 08 पशुओं की मृत्यु हो गयी। जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा बताया गया था, कि 06 सितम्बर से सभी पशु का टीकाकरण किया जाएगा, लेकिन दरभंगा को दूसरे चरण के टीकाकरण में रखा गया है। अगर प्रथम चरण में दरभंगा को शामिल कर लिया जाए, तो यहाँ के पशुपालकों की समस्या समाप्त हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि मई में आये यास चक्रवात के दौरान हुए फसल क्षति के लिए 65 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन कुशेश्वरस्थान क्षेत्र में पानी रहने के कारण वहाँ के आवेदकों को आवेदन करने में कठिनाई हो रही है। इसलिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 12 सितम्बर को बढ़ायी जाए। उनकी दोनों माँग को शामिल करने हेतु संबंधित विभाग द्वारा सहमति प्रदान की गयी।

बैठक में बिहार के दोनों उप मुख्यमंत्री, सभी मंत्री, बिहार राज्य आपदा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं सदस्यगण, बिहार के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी अपर मुख्य सचिव, सभी संबंधित प्रधान सचिव एवं सचिव व निदेशक, सभी प्रमंडलीय आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, सभी वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, संबंधित विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

वहीं दरभंगा से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल-सह-प्रभारी आयुक्त तिरहुत प्रमण्डल मनीष कुमार, जिलाधिकारी, दरभंगा डॉ0 त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक बाबूराम, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ0 अनिल कुमार सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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