
सद्भावना यात्रा पर गए मिथिलावासी का हैदराबाद एवं कांचीपुरम में भव्य स्वागत।
दरभंगा: भारत की आजादी के 75वीं वर्षगांठ पर मनाए जा रहे देशव्यापी अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में दक्षिण भारत की सद्भावना यात्रा पर दरभंगा से निकला सद्भावना यात्रा समिति के 20 सदस्यों का दल बुधवार को तमिलनाडु के रामेश्वरम, कन्याकुमारी, मदुरई, मीनाक्षी मंदिर, कांचीपुरम तथा आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी एवं मलिकार्जुन सहित तेलंगाना के अनेक तीर्थ स्थलों की यात्रा कर हैदराबाद पहुंचा। हैदराबाद पहुंचने पर मिथिला मंथन एवं पीसीआरआई संस्थान की ओर से यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया। संस्थान की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में भक्तिमय गीत संगीत की स्वर लहरियों के बीच हास्य-व्यंग और समसामयिक कविताओं की साहित्य-सरिता खूब बही।
संस्थान की ओर से पीके कर्ण, सिद्धि नाथ झा झुनझुन, किरण कर्ण एवं धीरू कुमार झा आदि ने जहां यात्रियों का स्वागत मिथिला की गौरवशाली परंपरा अनुरूप पाग, चादर और फूलों की माला प्रदान कर किया। वहीं, यात्री दल में शामिल डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक एवं मणिकांत झा ने अपनी रचनाओं से उपस्थित लोगों को खूब गुदगुदाया।
इससे पहले कांचीपुरम में मणिकांत दास ने करीब एक सौ एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक छटा की बिखेरते अपने आवासीय परिसर में यात्रियों का अभूतपूर्व सेवा-सत्कार किया।प्राकृतिक कंद-मूल से सजी भोजन की थाली यात्रियों के
विशेष आकर्षण के केंद्र में रही।
यात्री दल के संयोजक सह मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार मणिकांत झा ने बताया कि यात्रियों का दल बुधवार को भुवनेश्वर के लिए प्रस्थान करेगा और वहां कोणार्क सूर्य मंदिर सहित अन्य स्थलों का भ्रमण करने उपरांत जगन्नाथपुरी के लिए विदा होगा।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान यात्रियों ने मिथिला की गौरवशाली संस्कृति को दक्षिण भारत के लोगों के बीच खूब प्रचारित-प्रसारित करने के साथ ही दक्षिण भारत की सभ्यता और संस्कृति को करीब से जानने का भरसक प्रयास किया जिसका आने वाले समय में मिथिला एवं दक्षिण भारत की संस्कृति के बीच सामंजस्य कायम करने के साथ ही इसका पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा देने में लाभकारी होगा। हैदराबाद से भुवनेश्वर की यात्रा पर रवाना होने से पहले वरिष्ठ साहित्यकार डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक ने कहा कि आजादी के 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में संपन्न होने वाली यह यात्रा देश के दो विभिन्न हिस्सों के बीच सांस्कृतिक समरसता कायम करने में काफी मददगार साबित होगी।
बता दें कि सांस्कृतिक तथा धार्मिक यात्रा पर गये इस दल के सदस्यों ने तमिलनाडु, तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश के अनेक तीर्थ स्थलों पर जाकर कोरोना महामारी से मुक्ति हेतु विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की है। इस यात्रा दल में डॉ जयप्रकाश चौधरी जनक एवं मणिकांत झा के अतिरिक्त अशोक कुमार चौधरी, विजय चंद्र झा, देवकुमार चौधरी, रघुवीर मिश्र, अनिल अग्रवाल, दिलीप कुमार चौधरी, नीशीत कुमार, आशा देवी, नीलम झा, मीना देवी, भरोसा देवी, इंदू देवी, शैला देवी, सुधा देवी, सरोज मिश्र, वसुंधरा देवी, नीलम देवी तथा अंजू देवी शामिल हैं।

