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Featured - मुख्य - September 8, 2021

दो दशकों से बंद पड़े चिकित्सा विज्ञान संस्थान में छात्रों के नामांकन कार्य की पुनः शुरू हुई कवायद।

दरभंगा: राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान में छात्रों का नामांकन करीब दो दशक से बंद है। सरकार इसे चालू करने के लिए धीरे धीरे कदम उठा रही ताकि नामांकन और शिक्षण शुरू किया जा सके। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल एक दर्जन शिक्षकों को इस संस्थान में पदस्थापित या प्रतिनियुक्ति का आदेश निर्गत किया है। बुधवार को संस्थान के प्राचार्य को अधिसूचना की प्रति मिली।

अधिसूचना के मुताबिक इन शिक्षकों में कुछ का पटना आयूर्वेद और बेगूसराय आयुर्वेद कॉलेज से दरभंगा आयुर्वेद कॉलेज में प्रतिनियुक्ति की गई है जबकि आधा दर्जन ऐसे शिक्षक हैं जिनकी नियुक्ति दरभंगा आयुर्वेद कॉलेज में हुई थी लेकिन उनकी प्रतिनियुक्ति पटना और बेगूसराय आयुर्वेद कॉलेजों में कर दी गई थी। इन शिक्षकों को तत्काल पदस्थापन की जगह योगदान करने का निर्देश दिया गया है। प्राचार्य डॉ. दिनेश्वर प्रसाद ने बताया कि आयुर्वेद पाठ्यक्रम के पहले वर्ष के शिक्षण के लिए अब शिक्षकों की संख्या पर्याप्त हो गई है। नामांकन की अनुमति मिलने पर एक वर्ष तक शिक्षण में कोई दिक्कत नहीं होगी।

इधर, आयुर्वेद कॉलेज का अस्पताल, राजकीय कामेश्वर सिंह अस्पताल, जो ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर के निकट अवस्थित है, चिकित्सकों कमी से जूझ रहा था। अब शिक्षकों के पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति से अस्पताल के संचालन में तत्काल लाभ होगा। इससे यहां के मरीजों को भी फायदा होगा। फिलहाल यहां सिर्फ तीन चिकित्सक थे जिनके सहारे अस्पताल का कामकाज चल रहा था। इसके बाद भी अस्पताल के लिए मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की जरूरत है क्योंकि इनके बिना कामकाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उधर कॉलेज में नामांकन शुरू करने के लिए और कई शर्तों को पूरा करने की जरुरत है। प्राचार्य ने स्वास्थ्य विभाग को समस्याओं से पहले से अवगत करा रखा है।इससे पहले करीब दो महीने पहले स्वास्थ्य विभाग ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से करीब दो दर्जन तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय सहित कुछ पारामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति कर इस कॉलेज में पदस्थापित कर दिया था और सब ने योगदान भी कर लिया था। इससे अभी शिक्षकेतर कर्मचारियों की संख्या कामकाज के लिए उपलब्ध है।

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