
समस्तीपुर जंक्शन का नाम ललित नारायण मिश्र के नाम पर करने की मांग को लेकर धरना।
दरभंगा: मिथिला राज्य संघर्ष समिति एवं मिथिला विकास परिषद कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में स्व0 ललित नारायण मिश्र के नाम पर समस्तीपुर जंक्शन का नाम रखने की मांग को लेकर दरभंगा जंक्शन पर धरना का आयोजन किया गया।
धरनार्थियों का कहना था कि पंडित ललित नारायण मिश्र जब रेल मंत्री थे, तब उनकी हत्या समस्तीपुर जंक्शन पर कर दी गई थी। भारत सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह समस्तीपुर जंक्शन का नाम ललित बाबू के नाम पर रखें।
इसी मांग को लेकर दरभंगा जंक्शन पर आयोजिय एक दिवसीय धरना की अध्यक्षता समाजसेवी पंडित राम नारायण झा ने की। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो उदय शंकर मिश्र और अशोक झा ने किया। नेता द्वय ने मांग की जब मुगलसराय स्टेशन दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखा जा सकता है तो ललित नारायण मिश्र के नाम पर समस्तीपुर जंक्शन का नाम रखने में क्या आपत्ति है, जो भारत सरकार के रेल मंत्री थे। उनका नाम रखकर भारत सरकार उन्हें श्रद्धांजलि दे सकती है।
इस अवसर पर डॉ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि कि सरकार शांतिपूर्ण धरना के माध्यम से अगर ललित बाबू का नाम नहीं रखा तो सरकार जिस भाषा को समझेगी उसी भाषा में आंदोलन कर नाम रखवाया जाएगा। इस अवसर पर मैथिली अकादमी के पूर्व अध्यक्ष पंडित कमलाकांत झा ने कहां की न्यायोचित मांग है जो पिछले 46 वर्षों से पूरा नहीं हुआ है ,तत्काल पूरा होना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ राम मोहन झा ने कहां की कि बिहार विधानसभा में सभी दलों के लोगों को ललित बाबू का नाम प्रस्ताव पास कर भारत सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। छात्र नेत्री आकांक्षा ने कहा कि मिथिला के आइकॉन ललित बाबू थे उनके नाम पर समस्तीपुर का नाम रखना न्याय उचित होगा। इस अवसर पर राबिया खातून ने कहा कि ललित बाबू का नाम रखने में भारत सरकार को परहेज नहीं करना चाहिए। मछुआ समाज के महादेव सहनी ने कहा कि ललित बाबू मिथिला के मान सम्मान के प्रतीक थे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रेश ने कहा कि मिथिला के मनीषियों की उपेक्षा भारत सरकार और बिहार सरकार करती है जो उचित नहीं है।
इस अवसर पर मिथिला संघ के अध्यक्ष विनय कुमार झा संतोष ने कहा कि ललित बाबू के शहीद हुए जगह पर ललित बाबू की मूर्ति की स्थापना होनी चाहिए और साथ ही ललित बाबू के नाम पर समस्तीपुर का नाम रखा जाना चाहिए। इस अवसर पर एक ज्ञापन भारत सरकार के नाम दरभंगा स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से मिथिला राज्य संघर्ष समिति एवं मिथिला विकास परिषद कोलकाता के तत्वावधान में उदय शंकर मिश्र, अशोक झा, पंडित कमलाकांत झा, शैलजा, रूपा चौधरी, महादेव साहनी आदि ने मिल कर दिया।
इस अवसर पर सुजीत आचार्य, कौशल कुमार, आशीष चौधरी, पुरुषोत्तम वत्स, रामवृक्ष चौधरी, योगा दास, रमेश रंजन, रोशन कुमार झा, अशोक चौधरी आदि ने भी विचार रखे।

