
सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को 20 सितंबर तक एक्यूएआर उपलब्ध कराने का निर्देश।
दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने अपने क्षेत्रान्तर्गत स्थित सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को 20 सितंबर तक एनुअल क्वालिटी एश्योरेंस रिपोर्ट (एक्यूएआर) विश्वविद्यालय के सीसीडीसी कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सीसीडीसी कार्यालय से प्राचार्यों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि जिन महाविद्यालयों का नैक से मूल्यांकन हो चुका है उन कॉलेजों को प्रत्येक वर्ष नैक के निर्धारित फॉर्मेट में प्रत्येक वर्ष एक्यूएआर तैयार कर नैक को भेजना है।
साथ ही वस्तुस्थिति की अद्यतन जानकारी सीसीडीसी कार्यालय को भी देनी है। दूसरी ओर मिथिला विवि के जिन कॉलेजों का नैक से मूल्यांकन नहीं हो सका है वैसे कॉलेज के प्रधानाचार्य को एक साथ पांच वर्षों का अलग-अलग एक्यूएआर तैयार कर 20 सितंबर तक सीसीडीसी कार्यालय को भेजना अनिवार्य है। जिन कॉलेजों का नैक से मूल्यांकन अब तक.नहीं हो सका है वैसे कॉलेज के प्रधानाचार्य तत्काल इंटर्नल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (आईक्यूएसी) का गठन कर सभी पांच वर्षों के एक्यूएआर तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजेंगे।
साथ ही वस्तुस्थिति की जानकारी संलग्न प्रपत्र में भरकर भेजेंगे। इधर, विश्वविद्यालय में 43 अंगीभूत महाविद्यालय हैं जिनमें कुल 25 कॉलेजों से मूल्यांकन के बाद बी या बी प्लस ग्रेड प्राप्त है। सिर्फ सीएम साइंस कॉलेज को नैक से ए ग्रेड प्राप्त है जबकि अन्य को बी या बी प्लस ग्रेड प्राप्त है। इसके अलावा 18 अंगीभूत कॉलेजों का नैक से मूल्यांकन ही नहीं हुआ और अगर हुआ भी तो सी ग्रेड मिले। सी ग्रेड वाले कॉलेजों को भी सरकारी अनुदान से वंचित रखा जायेगा। इन 18 कॉलेजों में से चार ऐसे कॉलेज हैं जिनका मूल्यांकन तो हुआ लेकिन उन्हें सी ग्रेड मिला। कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने प्राचार्यों को पत्र भेजे जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि शेष बचे सभी कॉलेजों का यथाशीघ्र नैक से मूल्यांकन करवाना अनिवार्य है अन्यथा सरकारी अनुदान से वंचित होना पड़ेगा।

