
समझाने पर भी नही माने ग्रामीण तो आक्रोशित हो गए बीडीओ, लोगों ने चला दिया लप्पड़-थप्पड़।
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दरभंगा: सड़क जाम कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने बुझाने गये सदर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार सौरभ को ग्रामीणों के सामने तैश में आना महंगा पड़ गया। लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। भीड़ में बीडीओ के साथ खड़े सदर थानाध्यक्ष ने किसी तरह खुद को बचाया।
दरअसल, गत 17 सिंतम्बर को विश्वकर्मा पूजा के दिन एक अनियंत्रित कार द्वारा मिल में घुसकर करीब आधा दर्जन लोगों को घायल कर दिया गया था। उसी में से इलाजरत सुरेश यादव के पुत्र आईआईटी इंजीनियर सरोज कुमार यादव की मौत हो गयी। इस खबर को सुनकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि उक्त कार चालक को नशे की हालत में पकड़ कर पुलिस के हवाले किया गया था। पर थानाध्यक्ष ने पैसे लेकर उसके नशे में होने की बात केस में नही लिखी और उसे छोड़ दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दरभंगा-सकरी मार्ग को भवानीपुर मठ के पास जाम कर दिया। सड़क पर मृतक के शव को रखकर टायर आदि जलाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
जाम की खबर पर सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी विजय कुमार सौरभ एवं थानाध्यक्ष शशिकांत सिंह मौके पर पहुँचे। बीडीओ श्री सौरभ ने लोगों को काफी समझाने
बुझाने का प्रयास किया। लोगों का आक्रोश थानाध्यक्ष पर था। वे लोग नशे की हालत में पकड़े गए कार चालक पर नशा में होने की बात केस में नहीं लिखने पर आक्रोशित थे।
काफी समझाने बुझाने पर भी जब लोग मानने को तैयार नही हुए तो बीडीओ श्री सौरभ तैश में आ गये। उन्होंने भी लोगों से कह दिया कि आपलोगों की जितनी औकात है कर लीजिए। इसी पर लोगों का आक्रोश भड़क गया और गालियां देते हुए लोगों ने लप्पड़ थप्पड़ चलाना शुरु कर दिया। हालांकि कुछ लोगों ने बचाव भी करने का प्रयास किया।
वहीं दूसरी तरफ लोगो ने खतुआ मोड़ के पास एनएच 57 को जाम कर दिया। जाम कर रहे लोगों को हटाने गये दंगा नियंत्रण बल के जवानों पर आक्रोशित लोगों ने रोड़े बरसाने शुरू कर दिया। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गयी। इसके बाद पुलिस की तरफ से भी जमकर लाठियां बरसायी गयी। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया। तब जाकर जाम खत्म हुआ।

