Home Featured उम्र के प्रभाव और सस्ती लोकप्रियता केलिए मांझी कर रहे हैं अनर्गल बयानबाजी: बचौल।
Featured - मुख्य - September 25, 2021

उम्र के प्रभाव और सस्ती लोकप्रियता केलिए मांझी कर रहे हैं अनर्गल बयानबाजी: बचौल।

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दरभंगा: हाल के दिनों में अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले बिस्फी विधानसभा से भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने अपने ही गठबंधन के नेता पूर्व मुख्यमंत्री सह बिहार सरकार के वर्तमान मंत्री जीतनराम मांझी को आड़े हाथों लिया है। उनके राम के अस्तित्व पर सवाल एवं दलितों के मंदिर में प्रवेश पर रोक सम्बन्धी बयानों पर श्री बचौल ने उन्हें जमकर लताड़ा है। उन्होंने कहा कि सस्ती लोकप्रियता पाने की ललक के साथ साथ ढलती उम्र के प्रभाव के कारण मांझी अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

दरअसल शनिवार को दरभंगा परिसदन में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने उक्त बातें कहीं। उन्होंने कहा कि खुद जीतनराम के नाम में राम लगा है। उनके माँ बाप की राम में आस्था थी तभी उनके नाम मे राम लगा। यदि उन्हें संदेह है तो पहले अपने नाम से राम हटाएँ।

दलितों को मंदिर में प्रवेश से रोके जाने के मांझी के बयान पर पलटवार करते हुए श्री बचौल ने कहा कि उनके साथ कमिटी में दस जीतनराम मांझी थे। मांझी के साथ वे तिरुपति बालाजी एवं मदुरई सहित कई मंदिरों में गए हैं। कहीं उन्हें नही रोका गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि हिम्मत है तो किसी और धर्म के विषय मे बोलकर दिखाएं, तुरन्त उनपर फतवा जारी हो जाएगा।

भाजपा विधायक बचौल यहीं नही रुके, उन्होंने मांझी के दलित प्रेम को ढकोसला करार दिया। उन्होंने कहा कि मांझी खुद 32 साल से विधायक, मंत्री एवं मुख्यमंत्री भी रहे। वे यदि सच्चे दलित हितैषी थे तो कमजोर दलितों को उन्हें आगे बढ़ाना चाहिए था। पर सारे टिकट अपने परिवार में दिए। दलित का नाम लेकर केवल खुद को फायदा पहुंचाए। दलित की चिंता केवल नरेंद्र मोदी को है, और वे कार्य कर रहे हैं।

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