Home Featured समाज के अनछुए पहलुओं को शब्दों में पिरो कर संस्कृति भारद्वाज द्वारा लिखित वैतरणी का हुआ विमोचन।
Featured - मुख्य - October 24, 2021

समाज के अनछुए पहलुओं को शब्दों में पिरो कर संस्कृति भारद्वाज द्वारा लिखित वैतरणी का हुआ विमोचन।

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दरभंगा: वर्तमान काल मे दरभंगा में अद्भुत व्यक्तित्वों के उपज की भूमि के रूप में प्रसिद्ध होते जा रहे टेकटार गांव की उपलब्धियों में रविवार को एक और उपलब्धि जुड़ गया। एक युवा लेखिका की प्रथम काव्य रचना ने विमोचन के दिन ही आगंतुकों एवं पाठकों की जबरदस्त वाहवाही लूट ली।

दरअसल रविवार को शहर के एमएमटीएम कॉलेज के सेमिनार हॉल में सहकार भारती के प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में हेमंत कुमार झा की पुत्री संस्कृति भारद्वाज द्वारा रचित पहली काव्य रचना वैतरणी का विमोचन किया गया। विमोचन के दौरान अमिताभ लाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सह एमएलसी संजय पासवान, केपी रंजन, अंकेश मिश्र,

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कोंकणी पद्मनाभ, डॉ प्रमिला सिन्हा, राजेश वर्णवाल, हेमंत कुमार झा, संतोष झा आदि सहित कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।

विमोचन के उपरांत संस्कृति भारद्वाज ने अपनी काव्य रचना वैतरणी के कुछ अंशों का पठन भी किया। संस्कृति भारद्वाज ने बताया कि इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा उन्हें अपनी माता रीना झा से मिली। इस पुस्तक के मुख्यतः दो भाग आलिंगन और हलाहल है। इस काव्य रचना में समाज के अनछुए पहलुओं को कविता के माध्यम से शब्दों में गढ़ा गया है।

विमोचन कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने संस्कृति भारद्वाज के इस प्रयास की जमकर सराहना की। साथ ही भविष्य केलिए शुभकामनाएं भी दीं।

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