
2022-23 से बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए 60 सीटों पर छात्रों के नामांकन की बढ़ी उम्मीद।
दरभंगा: आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना द्वारा मान्यता एवं अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए गठित त्रिसदस्यीय निरीक्षण दल ने रविवार को राजकीय महारानी रमेश्वरी भारतीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान, मोहनपुर एवं राजकीय कामेश्वर सिंह आयुर्वेदिक चिकित्सालय, कामेश्वर नगर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग एवं आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित मापदंडों की एक-एक कर जांच की गयी। निरीक्षण दल में आर्यभट्ट

ज्ञान विश्वविद्यालय के नैनोटेक्नोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार सिंह, रसशास्त्र विभाग, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के विभागाध्यक्ष डॉ अजय कुमार सिंह एवं
रसशास्त्र विभाग, राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना के प्राध्यापक डॉ शुमेश्वर सिंह उपस्थित हुए।
सूत्रों की माने तो निरीक्षण में दल के सदस्य व्यवस्था से संतुष्ट नजर आये। इससे सत्र 2022-23 से बीएएमएस पाठ्यक्रम के लिए 60 छात्रों के नामांकन के लिए भारत
सरकार से स्वीकृति मिलने की उम्मीद बढ़ गयी है। स्वास्थ्य विभाग से पूर्व में ही अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुका है। दो-तीन दिनों में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय भी अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने की संभावना है।

