
भंडारा एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ सात दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा का समापन।
दरभंगा: शहर के लक्ष्मीसागर में विगत सात दिनों से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत समापन हुआ। इस दौरान भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। कथा वाचाक ने धर्म के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।
कथा वाचक राम शंकर दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का सच्चे मन से श्रवण करने से मानव

कलयुग में पापों से मुक्त होता है। उन्होंने दुख-सुख की परिभाषा बताते हुए मानव इच्छाओं को दुख का मूल कारण बताया। उन्होंने श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का मार्मिक प्रसंग सुनाया। बताया कि जीवन में सुखी रहने का मूल मंत्र है कि जो तुम खुद के लिए चाहते हो वह सम्मान दूसरों को भी दो। जीवन में दूसरों की बुराई के साथ आलोचना करने से हमेशा बचना चाहिए। कहा कि इतिहास गवाह है कि जो धर्म के मार्ग पर चला है लोग उसे हमेशा याद रखते हैं।
कथा समापन पर आयोजक ब्राह्मण फेडरेशन के महामंत्री राजीव कुमार झा द्वारा भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस दौरान मुख्य यजमान के रूप में ब्राह्मण फेडरेशन के जिलाध्यक्ष डॉ प्रभाकर झा मौजूद रहे।

