
पूरे हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ लोक आस्था का महापर्व छठ।
दरभंगा: गुरुवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ दरभंगा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में छठ महापर्व हर्षोल्लास सम्पन्न हो गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शहर के बागमती नदी तट, हराही पोखर, दिग्घी पोखर, गंगासागर तालाब, मिर्जा खां तालाब, केएम टैंक समेत विभिन्न सरोवरों, कूपों, नदी, घाटों पर श्रद्धा व आस्था पूर्वक भगवान भास्कर को अर्घ्य समर्पित किया।
साथ ही लोगों ने करोना से मुक्ति समेत स्वस्थ, दीर्घायु होने, पुत्र – पुत्रियों की प्राप्ति व लोक कल्याण की कामना की। छठ पूजा को लेकर बुधवार की शाम जिले के

बागमती नदी समेत विभिन्न छठ घाटों पर आस्था की भीड़ उमड़ पड़ी। छठ को लेकर सभी उत्साहित थे। खासकर छठ व्रतियों में खासा उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। कई श्रद्धालु दंडवत करते हुए छठ घाटों पर पहुंचे। नदी व सरोवर के जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्ध्य समर्पित किया।
कई जगहों पर तालाबों की जगह लोग अपने आवासीय परिसर में गड्ढा बनाकर अथवा छत पर टँकी बनाकर उसी में छठ का अर्घ्य देते देखे गए। यहां तक कि शहर की महापौर बैजयंती खेड़िया ने भी कबड़ाघाट स्थित अपने आवास पर ही सूर्य को अर्घ्य दिया। वहीं शुभंकरपुर में

भाजयुमो जिलाध्यक्ष बालेंदु झा ने अपने कई ग्रामीणों के साथ मिलकर कृत्रिम तालाब बनाकर छठ किया। उन्होंने बताया कि पहले बागमती घाट पर छठ करते थे, पर इसबार घाट की स्थिति सही नही थी। कीचड़ और दलदल भी काफी था।
लहेरियासराय के बाबू साहेब कॉलोनी में उमाशंकर सिंह ने अपने नवनिर्मित दो मंजिले मकान के छत पर इसबार

आकर्षक कृत्रिम तालाब बनाया। उनके पौत्र द्वय हर्ष एवं चिन्मय ने कृत्रिम तालाब सहित पूरे छत को छठ घाट की तरह सजाकर छठ घाट की सजीवता को प्रस्तुत किया।
छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं ने छठ घाट पर सूर्योपासना की। जिले के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक छठ पूजा की धूम रही। गुरुवार को सूर्य को अर्घ्य प्रदान करने के बाद व्रत का पारण किया गया। इसी के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व संपन्न हो गया।

