
ग्राउंड रिपोर्टर के साथ भी बिना भेदभाव सहयोगात्मक रवैया अपनाये पुलिस: अभिषेक कुमार।
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दरभंगा: समाहरणालय परिसर अवस्थित अंबेडकर सभागार में राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर मंगलवार को जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम दरभंगा प्रमण्डल के उप निदेशक -सह- दरभंगा के प्रभारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी दरभंगा नागेन्द्र कुमार गुप्ता एवं जिले के पत्रकारों द्वारा दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय प्रेस दिवस का शुभारंभ किया गया।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए नागेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि who is not, afraid of media (कौन है, जो मीडिया से भयभीत नहीं हैं) इस विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए या अपने विचार रखने के लिए यह विषय निर्धारित किया गया है।
उन्होंने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मीडिया को चौथा स्तंभ भी कहा जाता है। जिस तरह से सरकार की

तीन अंग होते हैं – कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायका, उसी तरह पूरे सिस्टम में एक चौथा स्तंभ भी है – मीडिया, जो कि इन तीनों स्तंभों पर नजर रखती है। मीडिया अपना काम करती है और जो पदधारी हैं, बड़े-बड़े पद पर आसीन हैं उनके द्वारा समय-समय पर प्रेस को, जो उनके द्वारा किया गया है और जो उनके विभाग के द्वारा कार्य किया गया है या उस पद पर आसीन रहते हुए, जो काम उन्होंने किया है, उसे प्रेस के माध्यम से जनता को अवगत कराते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रेस से भयभीत वे नहीं होते हैं, जो अपना काम नियम पूर्वक करते हैं। जो निर्धारित नियम व प्रक्रिया के अनुसार काम करते हैं, जो दिए गए दायित्व को बखूबी निभाते हैं, उन्हें प्रेस से डरने की आवश्यकता नहीं है।
परिचर्चा में भाग लेते हुए वॉइस ऑफ दरभंगा के संपादक अभिषेक कुमार ने कहा कि विषय के ठीक उलट आज माहौल बन गया है।

सवाल यह उठ रहा है कि मीडिया क्यों डरा हुआ है। उन्होंने मीडियाकर्मियों के साथ प्रशसनिक उपेक्षा के सवाल को प्रमुखता से उठाया। साथ ही जिला प्रशासन द्वारा उपलब्धियों का समाचार देने के साथ साथ उन उपलब्धियों का साक्ष्य भी मीडिया को उपलब्ध करवाने केलिए कहा, ताकि जनता के सामने केवल प्रशासनिक रिलीज प्रस्तुत करने की छवि नही, बल्कि तथ्यात्मक समाचार को प्रस्तुत करने की छवि मीडिया की बनी रहे।
श्री कुमार ने विशेष रूप से पुलिस कर्मियों द्वारा मीडियाकर्मियों के साथ उपेक्षा एवं भेदभावपूर्ण रवैये के मुद्दे को प्रमुखता के साथ उठाया। केवल उच्च पदधारी मीडियाकर्मियों को नही, बल्कि ग्राउंड रिपोर्टिंग करने वाले मीडियाकर्मियों के साथ भी सहयोगात्मक एवं सम्मानजनक व्यवहार पुलिसकर्मियों का होना चाहिए।
अभिषेक कुमार द्वारा उठाये गए मुद्दे का नव बिहार टाइम्स के ब्यूरो चीफ देवेंद्र कुमार ठाकुर, हिंदुस्तान के संवाददाता विनय ठाकुर, बीटीएन के छायाकार सरफराज आलम, दरभंगा टुडे के संपादक

संतोष दत्त झा, दैनिक भास्कर के छायाकार राहुल गुप्ता, उर्दू समाचार पिन्दार के ब्यूरो चीफ इरफान अहमद पैदल, सिटीजन आवाज के बिरौल प्रखंड के संवाददाता संजय कुमार सिंह एवं अन्य जिला व प्रखंड स्तरीय संवाददाताओं द्वारा भी किया गया।
प्रभारी जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता ने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा परिचर्चा में रखे गये विचारा का स्वागत किया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा उठाये गये मुद्दों एवं सुझावों पर अमल करने की प्रतिबद्धता प्रकट की।
कार्यक्रम के अंत में मधुबनी के बेनीपट्टी में मारे गए युवा पत्रकार बुद्धिनाथ झा उर्फ अविनाश को श्रद्धांजलि देते हुए सबों दो मिनट का मौन रखकर उनके आत्मा की शांति केलिए प्रार्थना की।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस में संवाददाता पप्पू सिंह, विनय कांत ठाकुर, मो. मिन्नतुल्ला, मो. लाल बाबू अंसारी, फिरोज अहमद, कैलाश ठाकुर,

एम.एच खान, सुमित कुमार झा, रोहित राज, देवेन्द्र कुमार ठाकुर, रवि शंकर झा, विजय कुमार सिन्हा, अभिषेक कुमार, इरफान अहमद पैदल, मो. अब्दुल कलाम उर्फ गुड्डू, संतोष दत्त झा, संजय सिंह, आसिफ शेख, मो. सरफराज आलम, इम्तियाज अहमद, राहुल कुमार गुप्ता, दिलीप कुमार झा, कौशल झा, अभय कुमार राज, राजू सिंह, नीरज कुमार, अजीत कुमार सिंह, अब्दुल्लाह, आशुतोष कुमार झा, आशीष कुमार राय, संजय मंडल, रमन कुमार दास, अविनाश कुमार, रमेश कुमार शर्मा, इंद्र भूषण चौधरी, धीरेन्द्र मिश्रा एवं मो. फिरोज व अन्य मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

