
जाले में 21 में से 16 मुखिया को जनता ने नकारा, 5 कुर्सी बचाने में रहे सफल।
दरभंगा: इस बार पंचायत चुनाव में चल रही बदलाव की बयार जाले में बहती रही। पंचायत के मुखिया बनाने में जाले की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में वोट दिया। जाले प्रखंड की 21 पंचायतों के निवर्तमान 21 मुखियों में से 16 मुखियों को जनता ने नकार दिया है, जबकि पांच निवर्तमान मुखिया के कार्यकाल पर जनता ने मुहर लगाई है। इस परिवर्तन की आंधी में बड़े-बड़े चेहरे हार गए हैं।
लगातार तीन वर्षों से जीत रहीं सहसपुर पंचायत की मुखिया कुमकुम सिन्हा चुनाव हार गई हैं। वहां पूर्व मुखिया राम याद महतो ने बाजी मारी है। योगियारा पंचायत में पांच बार से मुखिया का चुनाव लड़ने

वाले उमाशंकर सिंह को इस बार जनता ने ताज पहना दिया है। विघटित जाले पूर्वी पंचायत की मुखिया रहीं आलिया प्रवीन नवगठित गर्री पंचायत से दूसरी बार मुखिया चुनी गई हैं।
राढ़ी दक्षिणी पंचायत से भाजपा के प्रमुख नेता सह मुखिया महासंघ के अध्यक्ष राघवेंद्र प्रसाद चुनाव हार गए हैं। ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत से पल्लवी रानी लगातार चौथी बार मुखिया पद जीतने में कामयाब रहीं। उन्होंने जीत का चौका लगाकर यह जतला दिया है कि जनता उनकी
सेवा के साथ खड़ी है। काजी बहेड़ा पंचायत पर पति और पत्नी मिलकर लगातार तीन बार से मुखिया का चुनाव जीतने वाले निवर्तमान मुखिया महेश प्रसाद को भी इस बार जनता ने नकार दिया है। मुरैठा से जलो देवी ने जीत की हैट्रिक लगाई है।
अहियारी दक्षिणी से लगातार दूसरी बार नागेंद्र शर्मा को जनता ने मुखिया बनाकर सेवा करने का मौका दिया है। वही विघटित अहियारी उत्तरी पंचायत के निवर्तमान मुखिया सूर्य नारायण शर्मा ने अहियारी दक्षिणी पंचायत से मुखिया पद के लिए भाग्य आजमाने की कोशिश की थी, जिसमें उन्हें शिकस्त मिली। कछुआ पंचायत की वीणा झा अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं। शेष सभी मुखिया अपनी कुर्सी गंवा बैठे हैं। हालांकि करवा तरियाणी की निवर्तमान मुखिया वीणा देवी ने चुनाव नहीं लड़ा था। वहां की जनता ने आरती देवी को नया मुखिया चुना है।

