
कोविड-19 टीकाकरण की धीमी गति पर पांच प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दी गयी चेतावनी।
दरभंगा: दरभंगा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मनीगाछी, हनुमाननगर, केवटी, बहादुरपुर एवं जाले के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को कोविड-19 टीकाकरण की प्रथम खुराक तथा कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर, सतीघाट एवं बहेड़ी प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक को कोविड-19 टीकाकरण की दूसरी खुराक के आच्छादन में वृद्धि लाने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रथम खुराक में मनीगाछी प्रखंड द्वारा 1,57,412 लक्ष्य के विरुद्ध 1,02,085 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 64.9 प्रतिशत रहा। वहीं हनुमाननगर प्रखंड द्वारा 1,14,266 लक्ष्य के विरुद्ध 72,803 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 63.7

प्रतिशत रहा। केवटी प्रखंड द्वारा 1,99,879 लक्ष्य के विरुद्ध 1,25,574 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 62.8 प्रतिशत रहा। बहादुरपुर प्रखंड द्वारा 1,83,530 लक्ष्य के विरुद्ध 1,14,462 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 62.4 प्रतिशत रहा। जाले प्रखंड द्वारा 1,97,247 लक्ष्य के विरुद्ध 1,22,786 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 62.2 प्रतिशत रहा।
द्वितीय खुराक में कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखण्ड द्वारा 66,333 लक्ष्य के विरुद्ध 16,797 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 25.3 प्रतिशत रहा। वहीं गौड़ाबौराम प्रखंड द्वारा 71,978 लक्ष्य के विरुद्ध 20,624 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 28.7 प्रतिशत रहा। किरतपुर प्रखंड द्वारा 40,293 लक्ष्य के विरुद्ध 12,879 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 32 प्रतिशत रहा। सतीघाट प्रखंड द्वारा 76,515

लक्ष्य के विरुद्ध 26,516 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 34.7 प्रतिशत रहा तथा बहेड़ी प्रखंड द्वारा 1,51,317 लक्ष्य के विरुद्ध 52,865 टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 34.9 प्रतिशत रहा।
गौरतलब है कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के नियंत्रण एवं इससे सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 18 वर्ष या इससे अधिक उम्र के

सभी लोगों का शत-प्रतिशत कोविड टीकाकरण के आच्छादन लक्ष्य को प्राप्त करने को विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों, अभियानों का आयोजन किया जा रहा है।
इसके आलोक में उन्होंने सभी संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक उत्प्रेरक को निदेशित किया है कि व्यक्तिगत रुचि लेकर यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रथम खुराक का आच्छादन पूर्णत: संतोषजनक रहे। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर कार्य में प्रगति नहीं पाई गई तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई भी की जाएगी।

