
इलाजरत पुलिसकर्मी ने जज पर लगाये गम्भीर आरोप, पुलिस मेंस एसोसिएशन ने की निष्पक्ष जांच की मांग।
दरभंगा: मधुबनी के झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के ADJ अविनाश कुमार पर जानलेवा हमला करने वाले दोनों पुलिसकर्मियों ने दरभंगा पुलिस के सामने अपना फर्द बयान दर्ज कराया है। दोनों ही पुलिसकर्मी दरभंगा DMCH में भर्ती हैं। अपने बयान में घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने ADJ अविनाश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पहले अभद्र टिप्पणी की थी। कई मामलों में आरोपित व्यक्ति को ‘सर’ कहकर संबोधित करने का निर्देश दिया था। ऐसा नहीं करने पर मुझे जूते से मारा और फिर मौजूद कर्मियों को निर्देश दिया कि मेरे गले में रस्सी लगाकर टांग दिया जाए।
गोपाल कृष्ण के बयान के अनुसार, ‘ झंझारपुर व्यवहार न्यायालय के कर्मी अवकाश मिश्रा ने 17 नवंबर को मुझे कॉल कर कहा कि आपके विरुद्ध विधिक सेवा प्राधिकार में दीपक राज नाम के व्यक्ति ने शिकायत की है। इसपर सुनवाई के लिए उपस्थित होना है। मुझे शराब के खिलाफ कार्रवाई में जाना था, इसलिए मैंने अगले दिन का समय मांगा। पूरी कार्रवाई में देर होने की वजह से अगले दिन 18

नवंबर को निर्धारित 11 बजे की बजाय दोपहर दो बजे के करीब न्यायालय पहुंचा। वहां अपने साथ गए SI अभिमन्यु कुमार शर्मा को जज के केबिन के बाहर छोड़कर अंदर गया तो उन्होंने (ADJ अविनाश कुमार) सीधे कहा कि तुमको टांग देंगे। फिर मुझे वहां मौजूद एक इंजीनियर दीपक राज को ‘सर’ कहकर संबोधित करने को कहा। उनपर कई थानों में कई मामले लंबित हैं। जज ने कहा कि इनसे कई काम करवाना है। तुम बहुत मगरूर हो गए हो। मुझसे डरते क्यों नहीं हो, तुमको जूता से मारेंगे। इसपर मैंने उन्हें कहा कि आप माननीय जज हैं, कृप्या गाली न दें। तब उनके इशारे पर वहां मौजूद दीपक राज, अवकाश मिश्रा आदि लोगों ने मुझे पकड़ लिया और मारने लगे। इसी बीच 15-20 वकील और अंदर आ गए। सभी मुझसे मारपीट करने लगे। इतना होने पर बाहर खड़े SI अभिमन्यु कुमार शर्मा जब जज के केबिन में आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई। भीड़ ने अभिमन्यु से उनका सर्विस पिस्टल छीन लिया। मुझे जान से मारने की कोशिश की तो मैंने किसी तरह कमरे में बने टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाई। बाद में जब स्थानीय पुलिस के लोग पहुंचे तो मुझे सुरक्षा के साथ बाहर निकाला गया। इस दौरान मैंने देखा कि अभिमन्यु कुमार शर्मा घायल हैं और उनके मुंह और सिर से खून निकल रहा है।
DMCH में भर्ती दोनों पुलिसवालों से मिलने शुक्रवार को बिहार पुलिस एसोसिएशन के कई अधिकारी पहुंचे। मुलाक़ात के बाद सभी

ने इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। कहा है कि हमलोग पूरे बिहार के कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाएंगे। उसमें जो निर्णय लिया जाएगा, उसपर काम करेंगे। मौके पर पहुंचे पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष यशोदानंद पांडेय ने कहा कि घटना दिल दहलाने वाली है। मांग है कि पुलिस से एक अधिकारी, न्यायपालिका से एक तथा एक सिविलियन को मिलाकर कमिटी बनाई जाए, जो इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे।
बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह ने कहा है कि यह घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलील दे रहे हैं। हाईकोर्ट के वर्तमान जज या सरकार के वरीय

अधिकारी की टीम बनाकर पूरे मामले की जांच हो। फिर जो दोषी हों, उनपर कार्रवाई करना उचित होगा।
इधर, मधुबनी में देर शाम पुलिस मेंस एसोसिएशन के बैनर तले जिले के अधिकारियों की मीटिंग हुई है। इसमें जिले के करीब दो दर्जन थानाध्यक्ष मौजूद थे। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार यादव ने घटना की निंदा करते मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। कोषाध्यक्ष अरुण कुमार मिश्रा ने कहा कि ADJ अविनाश कुमार का कार्यकाल विवादित रहा है।

