
तीनों कृषि कानून को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा पर निकला विजय जुलूस।
दरभंगा: तीनों कृषि कानून को वापस लेने की प्रधानमंत्री की घोषणा को ऐतिहासिक किसान आंदोलन की जीत बताते हुए शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान महासभा, भाकपा (माले), इंसाफ मंच व आइसा के बैनर तले जमालचक से विजय जुलूस निकाला गया।
जुलूस का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला प्रभारी अभिषेक कुमार, धर्मेश यादव, इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, मो. जमशेद, आइसा के प्रिंस कुमार कर्ण, मयंक कुमार,

विशाल मांझी, नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य केशरी कुमार यादव, पप्पू पासवान आदि कर रहे थे। विजय जुलूस एनएच 57, बाजार समिति चौक होते हुए बाजार समिति के गेट तक गया और जुलूस मुख्य गेट को जाम कर सभा में तब्दील हो गया।
धर्मेश यादव की अध्यक्षता में आयोजित सभा में भाकपा (माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि एक साल से लगातार हर तरह के दमन को झेलकर चले ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने आज

तानाशाह मोदी सरकार को झुका ही दिया और मोदी सरकार को तीनों कृषि कानून को वापस लेना पड़ा है। हम किसान आंदोलन में शहीद हुए तमाम किसानों को सलाम करते हैं।
अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला प्रभारी अभिषेक कुमार ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी की ही चर्चा हुई है। अभी सरकार को बिजली बिल 2020, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी, लखीमपुर खीरी में किसानों पर गाड़ी चलवाने गृहराज्य मंत्री की बर्खास्तगी पर स्पष्टीकरण करना होगा। इंसाफ मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष नेयाज अहमद ने कहा कि आंदोलन को बदनाम करने वाले लोगों के ऊपर तीनों कृषि कानूनों की वापसी करारा तमाचा लगा है।

